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Castor oil plant : A Miraculous herb full of Medicinal properties

Table of Contents

परिचय(Introduction)

अरंडी,साधारण बोलचाल की भाषा में कहा जाता है| सामान्यत: हिंदी में एरंड,अरंडी एवं अंग्रेजी में इसे castor oil के नाम से जाना जाता है|इसे वैज्ञानिक(Botanical name)Ricinus communis linnके नाम से जाना जाता है|विशेष कर यह एक EUPHORBIACEAE जाति के पौधे का वंश माना जाता है|मतलब इसे विशेष प्रजाति का पौधा माना गया है|

इसे क्षेत्र विशेष एवं आयुर्वेद जगत में भी शुरू से ही अलग-अलग नाम से प्रचलित किया गया है|आयुर्वेदिक ग्रंथ में इसे गंधर्व हस्त के नाम से उल्लेख मिलता है |

Castor

हालांकि यह पौधा मानव जीवन के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक औषधि के रूप में जाना जाता है| जबकि यह पौधा साधारणत: ग्रामीण एवं पथरी और जंगली क्षेत्र में ज्यादातर पाया जाता है|इस पौधे को विभिन्न प्रकार के स्वास्थ संबंधी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है|उदाहरण के लिए खासकर इसके जड़,तना की छाल, पत्तों, फूलों, फलों से भी औषधि बनाया जाता है|साथ ही बीज का उपयोग तेल निर्माण के लिए किया जाता है|

परंतु सबसे पहले आपको यदि इस पौधे को पहचाना हो, तो आप किस तरीके से पहचानेंगे|

सबसे पहले आपको इसके स्वरूप को जानना होगा,इसके लिए इस पौधे की विशेषता यह है कि इसकी शाखाएं चिकनाई युक्त होती है|साथ ही इसकी शाखों में चिपचिपा  पदार्थ होता है| जो की एक छोटे से वृक्ष के समान होता है|इसके पत्ते चौड़े होते हैं| एवं पत्तों का आकार पंजा कार होता है|इसके फूल एक लिंगी पीलापन सफेद रंग के होते हैं|इसके फल संघन एवं गोलाकार होते हैं| जबकि फलों में मुलायम कांटेदार होते हैं|साथ ही फलों में तीन बीज होते हैं| 

इस लेख के माध्यम से आज अरंडी के सारी विशेषताओं और औषधि गुण के साथ-साथ इसके तमाम लाभों के बारे में विस्तार से जानेंगे|

अरंडी क्या है?प्राकृतिक आयुर्वेदिक औषधि गुण के रूप में इसका क्या महत्व है

Castor/अरंडी का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में बहुत ही विशेष महत्व है|हमारे देश में अरंडी का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही मानव स्वास्थ समस्याओं के लिए किया जाता रहा है|हालांकि इसका उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथ में भी पाया जाता है|प्राचीन काल के ऋषि मुनियों द्वारा इसकी प्राप्त जंगल से होती थी|एवं इसे वे अपने जानकारी के आधार पर औषधि का निर्माण करते थे|हमने  यह जाना कि इसे हिंदी में अरंडी, अरंड एवं गंधर्व हस्त के नाम से भी जाना जाता है|साथ ही अंग्रेजी में इसे कैस्टर ऑयल के नाम से जाना जाता है|आज हर कोई Castor oil  का प्रयोग किसी न किसी रूप में अवश्य करते हैं|या सिर्फ भारत देश में ही नहीं ,बल्कि विदेशों में भी इसकी अधिक मात्रा में मांग होती है|

सामान्यत: या पौधा जंगली, पथरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर पाया जाता है|हालांकि शहरी क्षेत्र के लोग इसके प्रयोग के महत्व को ज्यादातर नहीं जानते हैं परंतु यह बहुत ही उपयोगी पौधा माना गया है|

अरंडी के रासायनिक गुणों एवं संगठनों का मिश्रण

इसके विशेषता,इसमें होने वाली रासायनिक संगठनों एवं मिलने वाले लाभदायक तत्वों के बारे में एक-एक करके विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे सबसे पहले हमने इसके रासायनिक संगठनों के बारे में जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है फिर इसके लाभ एवं इस्तेमाल के बारे में भी जानेंगे:-

अरंडीऔषधि गुना से भरपूर

अरंडी के जड़ों में राल, टैनिन,स्टार्च की मात्रा पाई जाती है,क्योंकि इसकी जड़ पूर्ण रूप से औषधि गुण से भरपूर होती है|इसके जड़ों को निकाल कर साफ करके विभिन्न प्रकार के औषधि निर्माण के कार्यों में लगाया जाता है |

इसके रासायनिक तत्व:::

अरंडी के बीजों में विशेष प्रकार के रासायनिक तत्व पाए जाते हैं|इसके बीच में 50% स्थिर तेल,प्रोटीन,rishinine,रिशीन,लाइपेस,इसके स्थिर तेल में ग्लिसराइड्स,आइसोऋषिनोलिक अम्ल,कैल्शियम ऑक्सलेट के शिफ्टिक तथा नाइट्रेट तत्व पाए जाते हैं|इसके अलावा इसके बीजों में रीषिन नमक विषैला तत्व पाया जाता है|

अरंडी के सबसे महत्वपूर्ण गुण में निम्नलिखित समस्याओं के समाधान पाए जाते हैं

पाचन प्रक्रिया के लिए सर्वाधिक उपयोगी औषधि

Castor पौधा पाचन प्रणाली के लिए श्रेष्ठ औषधि के रूप में माना जाता है|यह औषधीय जो की आंतों के लिए बहुत ही उपयुक्त होती है साथ ही मल के निष्कासन में बहुत ही सहायक होती है|इसलिए इसका प्रयोग ज्यादातर कब्ज एवं पेट से संबंधित समस्याओं के लिए किया जाता है|

सूजन की समस्या कम करने के लिए

अरंडी का प्रयोग सूजन की समस्या को कम करने के लिए किया जाता है|इसलिए अरंडी से निर्मित औषधि से शरीर में होने वाले सूजन की समस्या इत्यादि के लिए उपयोगी साबित होता है|नतीजन इस आयुर्वेदिक औषधियां का प्रयोग ऐसे गुण के लिए किया जाता है|जो कि शरीर में किसी प्रकार की कोई सूजन(इन्फ्लेमेशन)संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है|

वात दोष को दूर करने के लिए

Castor का प्रयोग वात दोष को दूर करने एवं संतुलित करना होता है|इस प्रकार से यह वात संबंधी जितने भी समस्याएं आती है|जैसे उदाहरण के लिए वात,पित्त,कफ इत्यादि समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी साबित होती हैं|इसके विपरीत वात दोष को दूर करने के अलावा शरीर में होने वाले संतुलन जैसे शरीर में होने वाले दर्द, गैस की समस्या,घुटने एवं जोड़ों में समस्या,कप-कपी,सर दर्द इत्यादि समस्याओं के लिए अरंडी से निर्मित औषधि का इस्तेमाल किया जाता है|

पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए

अरंडी के द्वारा निर्मित औषधि पाचन क्रिया के लिए बहुत ही उपयोगी औषधि माना जाता है|इसके प्रयोग से भूख में बढ़ोतरी होती है|और साथ ही खाए हुए भोजन को आसानी से पचाती है|

प्रजनन शक्ति और वीर्य को बढ़ाने में

यद्यपि हम गौर से इस आयुर्वेदिक औषधि के तमाम गुण की बात करें, तो सबसे पहले यह हमारे स्वस्थ को हर तरीके से लाभ पहुंचाते हैं|विशेष कर यह पुरुषों से संबंधित योन क्षमता,स्तंभन शक्ति, संतान उत्पत्ति की क्षमता को बढ़ोतरी करती है|

अरंडी का इस्तेमाल बेहतर स्वास्थ लाभ के लिए कैसे करें साथ ही इसके उपयोग

अरंडी के पत्तों का उपयोग

इसके पत्तों का उपयोग विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता है| उदाहरण के लिए सबसे पहले

-पेशाब या मूत्र के त्याग के समय कष्ट या जलन जैसी समस्याओं के लिए, या फिर सही तरीके से पेशाब न आना या रुकावट आदि में इसका उपयोग किया जाता है|

-खांसी के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है|

अरंडी का प्रयोग खांसी से संबंधित जितने भी समस्याएं उत्पन्न होतीहै|जैसे शरीर में वायु,कफ,पित्त या किसी भी प्रकार के संक्रमित बीमारी इत्यादि में इसका उपयोग किया जाता है|

क्रीमी रोगों के संबंध में उपयोग

पेट के अंदर या आंतों में उत्पन्न कृमियों को नाश करने के लिए इस औषधि का उपयोग किया जाता है|नतीजन इसके उपयोग से कृषि संबंधी समस्या खत्म हो जाती है|

अरंडी के फलों से

इसके फलों से अत्यधिक ज्वार में,यकृत संबंधी समस्याओं में,पीलिया की बीमारी के लिए,सांस संबंधी समस्याओं के लिए,इसके अलावा चर्म रोगों के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है|आंख से संबंधित समस्याओं के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है|

अरंडी का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए

इसके लिए आपको castor oil जो उपलब्ध होता है वह किसी भी पेड़ से संबंधित समस्या के लिए कारगर उपाय माना जाता है|साथ ही इसका प्रभाव आते ही ग्रंथियां एवं परशरण क्रिया को उत्तेजित करती है|

इसके तानों को उबालकर सूट के साथ मिलाकर पिलाने से शरीर की विभिन्न प्रकार की समस्याएं जैसे कमर का दर्द या पेट के निचले हिस्से का दर्द में बहुत उपयोगी साबित होता है|यदि आंखों में किसी प्रकार की कोई कचरा या गंदगी के जाने पर castor  oil डालने पर आंख साफ हो जाती है|इसके अलावा आंखों में होने वाली खुजली में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है|

बीमारी के साथ उल्टी में

इसके लिए अरंडी के जड़ों को उबालकर पिलाने से लाभ मिलता है|साथ ही खून इत्यादि बहना बंद होता है|

पेट संबंधी समस्या के लिए

पेट से संबंधित समस्याओं के लिए अरंडी के तेल का काढ़ा बनाकर उसका दूध पिलाने से सभी प्रकार के दर्दों से मुक्ति मिलती है|साथ ही सभी प्रकार के पेड़ से संबंधित समस्याएं खत्म हो जाती हैं|

खांसी इत्यादि में अरंडी के पत्तों का त्रिकूट तेल एवं गुड़ को सीमित मात्रा में चाटने से खांसी दूर हो जाती है|

अरंडी के दुष्प्रभाव एवं बरतने वाली सावधानियां

अरंडी के औषधि को स्वास्थ संबंधी के इस्तेमाल के लिए किया जाता है|साथ ही यह आयुर्वेदिक औषधि में सर्वोत्तम माना जाता है|और बहुत सारे रोगों के लिए यह कारगर दवाई के रूप में मानी जाती है |परंतु इसके इस्तेमाल को सही तरीके से नहीं करने अथवा इसकी सही जानकारी ना होना ही इसका दुष्प्रभाव का कारण हो सकता है|

सही जानकारी एवं विशेषज्ञ की राय

आपको इसके बारे में संपूर्ण जानकारी नहीं रहने पर, इसके इस्तेमाल करने से आपके लिए नुकसान हो सकता है| इसके लिए आपको किसी जानकार से राय लेना चाहिए|

बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए

Castor oil का प्रयोग ज्यादातर बाह्य रोगों के लिए किया जाता है|ऐसे में यदि बच्चे उसे सीधे मुंह के अंदर डालेंगे तो बच्चों को समस्या आ सकती है|

निष्कर्ष(Conclusion)

Castor ऑयल सबसे बेहतर आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जाना जाता है|इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के रोगों के इलाज के लिए किया जाता है जबकि इस पौधे का हर हिस्सा औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है|किसी प्रकार के पेड़ से संबंधित समस्याओं के लिए,दर्द इत्यादि के लिए,साथ ही पेट में चढ़ी हुई चर्बी को समाप्त करने के लिए अरंडी के तनु को धोकर मधु में डुबोकर निकालकर, एक पत्र में सारी रात छोड़ने के बाद जो पानी छूटता है, उसे प्रतिदिन पीने से चर्बी खत्म हो जाती है|

कुल मिलाकर बात की जाए तो अरंडी बहुत ही लाभदायक औषधि माना गया है|इसका प्रयोग आपको विभिन्न समस्याओं से निजात पाने में सहायक होती है|इसलिए यदि आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से सुधारना चाहते हैं तो कैस्टर ऑयल का प्रयोग अवश्य करें|

FAQs सवाल जवाब

Q.क्या अरंडी का तेल रोजाना use करना चाहिए?

A.यह आपकी समस्याओं के आधार पर निर्भर होता है|साथ ही विशेषज्ञयों के द्वारा जानकारी लेकर इसका प्रयोग करें|

Q.अरंडी(कैस्टर ऑयल) हमें कहां से प्राप्त हो सकते हैं?

A.कैस्टर ऑयल आजकल हर आयुर्वैदिक मेडिकल दुकानों एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होता है|परंतु खरीदने से पहले इसकी सही जांच परख  लें|

Q.कैस्टर ऑयल के इस्तेमाल से कितने दिनों में चर्बी खत्म हो जाते हैं?

A.यह आपके इस्तेमाल करने का तरीका एवं जानकारी के आधार पर निर्भर करता है|साथ ही आपको सही खान-पान की आवश्यकता होती है|

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written by Suraj Horo

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