परिचय(Introduction)
Aloe Vera धृतकुमारी साधारण बोलचाल की भाषा में परंतु इसे आजकल लोग अलोवेरा/एलोवेरा कहते हैं| जिसे शुद्ध आयुर्वेदिक औषधि भाषा में कवरदंगल या ग्वारपाठा के नाम से पहचाना जाता है|औषधि विज्ञानयों के अनुसार इसकी उत्पत्ति संभवत: उत्तरी अफ्रीका जैसे देशों में हुई थी,इसके अलावा यह प्रजाति विश्व के अन्य देशों में नहीं पाई जाती है|
धृतकुमारी/एलोवेरा शुरू से ही आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है|हालांकि आज के जमाने में इसकी गुण की वजह से इसका महत्व बहुत ज्यादा बढ़ चुका है|
इसके लाभों को देखते हुए अब इसका वृहद पैमाने पर खेती की जाती है|और सीधे दवा बनाने वाली कंपनियों को बेचा जाता है|यह औषधि के रूप में लोगों के लिए रोजगार का एक माध्यम बन चुका है|

एलोवेरा का स्वरूप
इसके स्वरूप की बात करें तो इसका स्वरूप लघु गुल्म के आधार का होता है|हालांकि यह शब्द आयुर्वेदिक ग्रंथ से लिया गया है|इसका अर्थ होता है एक छोटे आकार का पौधा, जो ज्यादा बड़ा नहीं होता है|एवं इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी पत्तियों में होती है|जो हरे रंग की बहुत ही मासंल एवं मोटे आकार का होता है|साथ ही लंबे होते हैं|जिम द्रव एवं पानी की मात्रा भरी हुई होती है|इसके अलावा इन पत्तियों के किनारे पर कांटे लगे होते हैं|साथ ही इस पौधे में लंबे आकार के फूल लगते हैं|जो की साधारणत: लाल या फिर गुलाबी रंगों के होते हैं| सबसे खास बात इसका स्वाद कड़वा होता है|
आईए आज हम इस लेख के माध्यम से धृतकुमारी/एलोवेरा जिसे अंग्रेजी मेंBarbados aloe vera के नाम से जानते हैं|जो कि Mill.LILIACEAE के प्रजाति का है|हम इसके स्वास्थ्य लाभों के साथ-साथ आयुर्वेदिक जगत के चमत्कारी लाभों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे|
धृतकुमारी/ एलोवेरा क्या है? इसके अलावा इसके आयुर्वेदिक जगत में औषधि के रूप में क्या महत्व हैWhat is aloe vera ?apart from this,what is its significance as a medicinal herb in the ayurvedic world
एलो वेरा को सामान्यत: हम औषधि युक्त पौधे के रूप में जानते हैं|हालांकि आजकल लोग अपने घरों पर गमले में एवं घर की छत में भी इसे सजावट के रूप में लगा रहे हैं|धृतकुमारी/ एलोवेरा हमारे जीवन में हमारे शरीर के हर हिस्से के लिए महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि के रूप में मानी जाती है|इसे हिंदी में तो हम धृतकुमारी,ग्वारपाठा इत्यादि नाम से जाना जाता है परंतु अंग्रेजी में Barbados aloe vera के नाम से जानते हैं|
समय के साथ धीरे-धीरे लोगों को इसके महत्व एवं गुणों के बारे में पता चलने लगा है|आज लगभग शरीर के इस्तेमाल होने वाले हर प्रोडक्ट्स में एलोवेरा के प्रोडक्ट शामिल होते हैं|
यह प्राकृतिक होने के साथ-साथ आयुर्वेदिक औषधियां के रूप में इस्तेमाल किया जाता है|इसके बढ़ते मांगो एवं विशेषताओं को देखते हुए आज कई जगहों पर वृहद रूप से इसकी खेती की जाती है|
एलोवेरा के रासायनिक गुणों एवं तत्वों के अलावा किन रासायनिक संगठनों का मिश्रण पाया जाता है
इसके रासायनिक गुणों एवं तत्वों के संगठनों के बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे|आखिर ऐसी क्या खास बात है इस आयुर्वेदिक औषधि में जो की धृतकुमारी/एलोवेरा की हर जगह इसकी इतनी डिमांड है|हम एक-एक करके उनके रासायनिक गुणों एवं तत्वों के बारे में विस्तार से जानेंगे|
एलोवेरा के पत्तों में
ज्यादातर मात्रा में आयुर्वेदिक जगत या फिर मेडिकल फील्ड में इसके पत्तों का ही इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसकी पत्तियों में- टेनिनस प्रोटीन,क्रोमस, मैलिक अमल जैसे रासायनिक तत्व पाए जाते हैं|इसके अलावा इसमें सी ट्रिक अम्ल,टार्टरिक अम्ल,की भरपूर मात्रा पाई जाती है|
साथ ही इसके पत्तों के गुर्दे में एसिटी लेटेड,ग्लूकमनस,लौह,कैल्शियम,पोटेशियम तथा मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण घटक पाए जाते हैं|इसलिए घृतकुमारी/एलोवेरा की आयुर्वेदिक जगत में विशेष महत्व दिया जाता है|
इसके गुणों
धृतकुमारी का प्रयोग सामान्यत: यह एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि होती है|जो कि पेट की जितने भी समस्याएं होती है| जैसे की कब्ज या फिर शरीर में बने विषैला तत्वों को साफ करने का कार्य करती है| यह पेट को साफ करने के अलावा दस्त को भी ठीक करती हैं|यह मल को अच्छी तरह से साफ करती है|मतलब यह पाचन संबंधी समस्याओं को सुदृढ़ करने का काम करते हैं|
वात संबंधी समस्याओं को दूर करना
इस प्रकार से यह उन औषधीय की श्रेणी में आती है, जो कि वात संबंधी परेशानियां हो, जिससे ऐसी समस्याओं की वृद्धि के कारण,जोड़ों में दर्द उठना,कब्ज आदि की समस्या,साथ ही गैस,कप-कपी एवं लकवा इत्यादि में यह औषधि बहुत ही लाभकारी माना गया है|
पाचन प्रक्रिया में लाभदायक
यह पेट की सारी समस्याओं को दूर करने के अलावा,पाचन प्रणाली को भी मजबूत रखती है|शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ यह भूख को भी बढ़ती है|इसलिए इसे स्वास्थ वर्धक औषधि के रूप में जाना जाता है|
शारीरिक बल की वृद्धि के लिए
जो भी व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं, वैसे लोग इसका जरूर से इस्तेमाल करते होंगे||क्योंकि इसका सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती हैं साथ ही दिन भर की थकान से आपको आराम दिलाता है|जो लोग शारीरिक गतिविधियों में ज्यादातर भाग लेते हैं, उनके लिए यह औषधि सर्वोत्तम माना गया है|
एलोवेरा का प्रयोग शरीर में होने वाली सूजन को कम करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है|शरीर में बढ़ते सूजन को रोकने के लिए यह एक बहुत ही जबरदस्त एवं कारगर उपाय माना गया है|
दर्द निवारक के रूप में
इस औषधि में सबसे खास बात यह है कि यह शरीर में हो रहे किसी भी प्रकार के शारीरिक पीड़ा को नाश करता है|
इसलिए इस दर्द निवारक औषधि के रूप में जाना जाता है|
खासकर इसका उपयोग आयुर्वेदिक जगत में उन औषधीय के रूप में जाने जाती है जो कि शरीर के किसी भी प्रकार का कोई भी दर्द हो,
उदाहरण के लिए
यदि आपको – चोट का दर्द हो|
-मासिक धर्म संबंधी दर्द हो|
– या फिर आपका सिर दर्द हो|
यह सभी प्रकार के दर्द को ठीक करने में इस्तेमाल किया जाता है|
घृतकुमारी/एलो वेरा का उपयोग अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए कैसे करें| साथ ही इससे होने वाले स्वस्थ लाभ क्या-क्या है?How to use aloe vera for better health benefits
घृतकुमारी/एलोवेरा का उपयोग अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न तरीकों से कर सकते हैं|
हम इससे होने वाले स्वस्थ लाभों के बारे में विस्तार से इसके उपयोग के बारे में जानते हैं|
इसके पत्तों का उपयोग
इसमें जो गुदा होते हैं|इसका उपयोग बवासीर,खांसी की समस्या में किया जाता है जबकि इसका प्रयोग कभी-कभार हम आध पक्का भोजन ग्रहण कर लेते हैं, तो ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए इसका प्रयोग बेहतर होता है|
इसके अलावा पाचन संबंधी समस्याओं में इसका प्रयोग होता है|उदाहरण के लिए जिस व्यक्ति को मल त्यागने में परेशानी होती है(मल का कठोर या सुखा होना)या पेट भारी या फुला हुआ महसूस होता हो|इसका प्रयोग किया जाना चाहिए|यह बीमारियों की चक्र से मुक्ति दिलाता है|
धृतकुमारी/ एलोवेरा का रस का प्रयोग
इनके रसों का प्रयोग आयुर्वेदिक जगत में टूटी हुई हड्डियों एवं टूट-फूट उत्तकों को जोड़ने का काम आता है|
इसके रस का प्रयोग से बहुत सारे समस्याओं से आराम मिलता है|खासकर पेट संबंधी समस्याओं के लिए इसे विशेष रूप से जाना जाता है|इसके रस का प्रयोग महिलाओं के रोगों के लिए भी सर्वोत्तम माना गया है|
धृतकुमारी/एलोवेरा के पत्तों के रस का लेप
इसके रसों को स्क्रीन में लेप लगाने से चर्म रोग एवं आंखों की समस्याओं से आराम मिलता है|साथ ही पेट की समस्याओं एवं गले की समस्याओं में भी लाभ मिलता है|
धृतकुमारी के इस्तेमाल के लिए:-
आपको इसके रासो को एक चम्मच में चार दाने काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन सेवन करना चाहिए|
यदि किसी भी व्यक्ति को बहुत ही तेज बुखार आ रहा हो, ऐसे में एलोवेरा के एक चम्मच रस में दो ग्राम अरहर का चूर मिलकर सुबह शाम सेवन करने से बहुत आराम मिलता है|
- महिलाओं को यदि रक्तस्राव आदि में होने वाले पेट की समस्या में हुई,गांठ में धृतरा कुमारी का गरम रस पुराने गुड में मिला कर, दिन में दो बार खिलाने से लाभ मिलता है|
- इसके अलावा पेट संबंधी रोगों के लिए,यकृत संबंधी बीमारियों के लिए,साथ ही टॉन्सिल की समस्या के लिए भी आप इसके रस में हल्दी का चूर्ण मिलाकर एक-एक चम्मच प्रतिदिन तीन बार सेवन करने से बहुत आराम मिलता है|
- यह खांसी को भी ठीक करता है|सर्दी जुकाम में भी लाभ पहुंचता है इसके लिए आपको इसके रस में हल्दी,अजवाइन का चूर्ण,या अदरक का रस को मिलाकर चाटने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है|
- नेत्र संबंधी समस्याओं के लिए हल्दी का चूर्ण मिलाकर नेत्रों पर पट्टी बांधने से आंखों की लाली लौटती है|इसके अलावा चर्म रोगों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की समस्याओं के लिए एलोवेरा बहुत ही कारगर औषधि मानी जाती है|
धृतकुमारी/एलोवेरा के दुष्प्रभाव एवं बरतने वाली सावधानियां(side effect of aloe vera and precaution)
धृतकुमारी/ एलोवेरा एक बहुत ही बेहतर आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जानी जाती है परंतु आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है
Note: सबसे महत्वपूर्ण बात,यहां पर बताई गई हर जानकारी का प्रयोग आप खुद से ना करें, क्योंकि आपको इसके बारे में विशेष जानकारी नहीं है|यदि आपको इसका इस्तेमाल करना हो तो आपको आयुर्वैदिक मेडिकल स्टोर में जाकर इसके बारे में विस्तार से जानना होगा,साथ ही ऐसे बहुत सारे दुकान एवं आयुर्वेदिक संस्थान है जहां इस प्रकार की जानकारी उपलब्ध होती है|
मैं एक लेखक होने के नाते आपसे यह अनुरोध करता हूं कि जब भी आपको किसी भी प्रकार की धृतकुमारी/एलोवेरा के लिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेनी हो, तो उसके लिए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ एवं अनुभवी डॉक्टर से परामर्श पर ही इसका उपयोग करें| ताकि आपको इसके इस्तेमाल,लाभ एवं क्वांटिटी की सही-सही जानकारी हो|
ऐसा बिल्कुल ना करें कि आप कहीं से भी एलोवेरा का पौधा ले और अपने घर में उसे औषधि निर्माण शुरुआत कर दें|
निष्कर्ष(Conclusion)
Aloe Vera(एलोवेरा) बहुत ही काम की एवं लाभदायक आयुर्वेदिक औषधि है|परंतु आपको इसके लिए इसके इस्तेमाल की मात्रा एवं लबों को अच्छी तरह से समझना होगा उसके बाद ही इसका प्रयोग करना|
सवाल जवाब(FAQs)
Q.क्या एलोवेरा का प्रयोग से चर्म रोग खत्म हो जाता है?
A.बिल्कुल परंतु इसके लिए आपको इसकी सही मात्रा को समझना होगा|
Q.मैं एलोवेरा का प्रयोग कैसे करूं?
A.आजकल के समय में आपको हर रोग के लिए तैयार दवाएं एवं बन गए प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध है|बस आप किसी मेडिकल शॉप से उसे खरीद सकते हैं या फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी प्रोडक्ट उपलब्ध हैं
परंतु इस्तेमाल से पहले विशेषज्ञ की राय अवश्य लें|
Q.क्या यह काम करता है?
A.100% काम करता हूं|परंतु यह बीमारी के आधार पर रिजल्ट देता है|
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Written by Suraj Horo