परिचय(Introduction)
Shikakai,जिसे हम हिंदी और इंग्लिश दोनों में ही शिकाकाई के नाम से जानते हैं |लेकिन कोई कोई एरिया में विमला एवं सप्तला के नाम से भी जानते हैं|इसका वैज्ञानिक नाम Acacia concinna D.C. syn . sinuata(cour)merrue MIMOSAE है| और यह इस प्रजाति का भी है|साधारणत: यह थोड़ी बहुत जंगली एवं पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादातर पाई जाती है|शिकाकाई का उपयोग आयुर्वेदिक जगत में सदियों से किया जाता है|यह बहुत ही उपयोगी प्राकृतिक आयुर्वेदिक वनस्पतियों में से एक माना जाता है|शिकाकाई के उपयोगी भागों में से इसके पत्ते एवं फल आते हैं|जिनका बहुत अधिक मात्रा में आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है|

Shikakai के स्वरूप एवं आकर(The shape and appearance of shikakai)
Shikakai की आकार की बात करें तो यह एक कांटेदार झाड़ी या कंटीला पौधा किस श्रेणी में आता है|यह आम झाड़ियां की तरह ही दिखाई देता है|इसकी शाखाएं पतली एवं कांटेदार होती है|जिम बहुत सारी छोटी-छोटी और डालियां निकली हुई होती है|इसके पत्ते छोटे-छोटे एवं पक्षकार के होते हैं|साथ ही इसके फूल सफेद एवं थोड़े पीले रंग की होती है|जो कि इसकी कलियां गुलाबी एवं हल्की पीले रंग की मुंडक में होती है|इसके अलावा इसके फल लंबे एवं मांसाल होते हैं|जिसके अंदर बीज होते हैं साथ ही बीच-बीच में थोड़ी संकुचित आकार की होती है|इसके फल इमली के फल जैसे दिखाई देते हैं|
आयुर्वेदिक औषधि के रूप में शरीर के विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है|
आईए इस लेख के माध्यम से हम शिकाकाई के संपूर्ण प्राकृतिक औषधि गुणों,इसके लाभों एवं इसमें मौजूद प्राकृतिक एवं रासायनिक तत्वों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल करेंगे|क्योंकि शिकाकाई के बारे में हम जितनी बेहतर तरीके जानेंगे इसका प्रयोग हम अपनी रोजाना जीवन में सही तरीके से कर सकते हैं
शिकाकाई क्या है इसके अलावा प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक जगत में इसका क्या महत्व है|(what is shikakai?apart from this,what is its significance as a medicinal herb in the ayurvedic world)
शिकाकाई एक प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली आयुर्वेदिक वनस्पति औषधि है|जिसका प्रयोग सदियों पहले से इंसानों के विभिन्न प्रकार के शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए इस्तेमाल किया जाता आया है|इसे अंग्रेजी में भी शिकाकाई ही कहा जाता है|इसका वैज्ञानिक नाम एवं प्रजातिAcacia Concinna D.C SYN.Asmita merrue mimosae के रूप में प्रचलित है|
हालांकि यह वनस्पति पौधा अपने गुणों की वजह से बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पौधा है|फिर भी बहुत से ऐसे लोग हैं या ऐसे क्षेत्र है ,जहां अभी भी इसके गुण इस्तेमाल के बारे में जानकारी नहीं है|
शिकाकाई के औषधि रूप में इसके पत्तों एवं फलों का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है|हमने इस पौधे के स्वरूप के बारे में भी जाना|जो कि इस पौधे को कांटेदार झाड़ियां के रूप में जाना जाता है|इसका आकार एक कांटेदार झाड़ी के समान होता है,साथ ही इसकी बहुत सारी शाखाएं निकलती है, जिनमें कांटे भरी रहती है|इसके फलों का आकार लंबा एवं पतला और संकुचित होता है|इसके फूल सफेद रंग के होते हैं|
रासायनिक गुण,तत्वों के अलावा रासायनिक संगठनों का मिश्रण
आईए अब हम इसके गुणों एवं रासायनिक तत्वों के बारे में विस्तार पूर्वक समझते हैं|
शिकाकाई के फलों में रासायनिक तत्वों का मिश्रण
सबसे पहले,इसके फलों में सेपोनिन,मलिक अम्ल,राल,गोंद,रेशे तथा ग्लूकोस जैसे तत्वों का मिश्रण पाया जाता है|
शिकाकाई के बेहतरीन गुण
इसके फलों में बहुत सारे बेहतरीन गुण का मिश्रण पाया जाता है| जिसमें से कफ की समस्या का समाधान होता है|इसके अलावा इसके फलों का प्रयोग से शरीर के प्रमुख वात संबंधी समस्याओं का निवारण होता है|उदाहरण के लिए इसके फलों में ऐसे गुण पाए जाते हैं या फिर ऐसा औषधि माना जाता है जो वात दोष को संतुलित करता है साथ ही उसे सही दिशा की ओर ले जाता है|
और जहां तक सवाल है,पेट से संबंधित समस्याओं की,तो उसे भी ठीक करता है|इस प्रकार से यह गैस,पेट फूलना,कब्ज,अपच जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है|
शिकाकाई का प्रयोग उल्टी लाने वाले औषधि के रूप में
जब कभी हम या कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के किसी भी गलत चीजों का सेवन कर लेते हैं, तो उसे निकालने के लिए शिकाकाई का बेहतर तरीका का प्रयोग किया जाता है|
आयुर्वेद जगत में इसका प्रयोग शोधन क्रिया( Detoxification Method ) के रूप में किया जाता है|जिसका सीधा सा मतलब है कि पेट या शरीर से कफ या किसी प्रकार की गलत चीजों को बाहर करना|
मूत्र/पेशाब आदि समस्याओं के लिए
यदि सही तरीके से पेशाब का ना होना,पेशाब करते समय दर्द है या जलन महसूस होना,या रुक रुक कर पेशाब आना,ऐसी समस्याओं के लिए भी शिकाकाई का प्रयोग किया जाता है|
पत्तों में खट्टापन का स्वाद
पत्तों में खट्टापन होने की वजह से आयुर्वेद जगत में इस औषधि के रूप में खट्टी पत्तियों को पाचन या स्वाद वर्धक के रूप में माना जाता है|
पाचन प्रणाली को सुदृढ़ करने में
इसे पाचन प्रणाली को तंदुरुस्त करने के लिए भी प्रयोग किया जाता है|जिससे आपके पेट की संपूर्ण गंदगी साफ होती है|साथ ही आपका पाचन क्रिया बेहतर हो जाता है जिससे भूख भी बढ़ती है|
यकृत की क्रियाशीलता को बढ़ाता है
इस औषधि का प्रयोग यकृत की क्रियाशीलता को बढ़ाने में किया जाता है|
आयुर्वेद जगत में इसका प्रयोग निम्न समस्याओं के लिए भी किया जाता है |
- यह आपके पाचन तंत्र को बेहतर करने के अलावा आपके मेटाबॉलिज्म को भी सही करता है|
- लिवर को सही एवं सक्रिय रखती है|
- लीवर की बीमारियों जैसे कि हेपेटाइटिस,फैटी लिवर इत्यादि समस्याओं से आराम दिलाता है|
शिकाकाई का इस्तेमाल अपने दैनिक जीवन में कैसे करें(how to use shikakai daily life for better health
शिकाकाई के इस्तेमाल से पहले हमने इसके लगभग सभी आयुर्वेदिक गुणों एवं रासायनिक तत्वों के बारे में विस्तार से जाना|अब हम एक-एक करके इसके उपयोग के बारे में जानेंगे,मतलब कि यह किन-किन समस्याओं में उपयोग किया जा सकता है|
गले के लिए कफ की समस्या
कफ की समस्या हो और यह लंबे समय से आपको बहुत ज्यादा तकलीफ दे रही हो,तो यह कफ रोगों को पतला करने के लिए प्रयोग किया जाता है|सांस की अवरोधों को कम करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है|
पीलिया
जिसे Jaundice(जौंडिस) भी कहा जाता है|इसके लिए भी शिकाकाई का उपयोग किया जाता है|इस प्रकार से इसके प्रयोग से लीवर से संबंधित रोग मुख्यत: पित्त दोष की वृद्धि, जैसी समस्याओं के लिए प्रयोग में लाई जाती है|
उल्टी के लिए
इसका प्रयोग उल्टी लाने या करने की औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है|
यकृत संबंधी समस्या एवं पेट की समस्या
शिकाकाई का प्रयोग यकृत संबंधी समस्या एवं पेट की समस्या आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है|
डैंड्रफ
इसका प्रयोग डैंड्रफ की समस्याओं एवं जू निकालने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है| इसके अलावा इसके फलों का मिक्सर बनाकर बाल धोने से सारे जू मर जाते हैं|एवं बाल स्वस्थ होते हैं,जिससे रूसी की समस्या का निवारण होता है और बालों में वृद्धि होती है|
बिच्छू के डंक मारने में
बिच्छू के डंक में इसके पत्तों का सेवन करने से जहर कम हो जाता है|इसके अलावा कफ पतला करने के लिए यह बेहतर औषधि माना जाता है|इस बीच यह सांस संबंधी रोगों के लिए कारगर साबित हुआ है|इसके लिए इसके फलियों का इस्तेमाल किया जाता है|
Shikakai के पत्तों को खाने के रूप में इस्तेमाल
इसका प्रयोग खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए भी किया जाता है|यकृत संबंधी रोगों के लिए भोजन के साथ शिकाकाई के पत्तों एवं काली मिर्च की चटनी बनाकर खाने से यकृत संबंधी समस्याएं ठीक होने लगती है|गैस संबंधी एवं पेट संबंधित समस्याओं के लिए, फूलों से पकाया हुआ घी का सेवन लाभकारी होता है|इसके पत्ते इमली के पत्तों के समान ही खट्टे होते हैं,तो इसके जगह में प्रयोग किया जा सकता है|
बालों को रेशमी बनाने के लिए
सबसे महत्वपूर्ण बात,शिकाकाई के फलों को जल में भिगोकर मसलने से रीता जैसा झाग बनता है| जिससे बालों को धोया जाता है|जिससे बाल रेशमी एवं मजबूत हो जाते हैं| साथ ही रेशमी कपड़ों को भी धोया जा सकता है|
Shikakai से होने वाले दुष्प्रभाव एवं सावधानियां(side effect of shikakai and precautions)
शिकाकाई एक प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक वनस्पति औषधि के रूप में प्रचलित है|इसमें आपको किसी भी प्रकार के कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता|
परंतु इसके इस्तेमाल से पहले आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों की जानकारी रखना बेहद जरूरी होती है|
- किसी किसी को शिकाकाई से एलर्जी होता है,वैसे लोग शिकाकाई का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें|
- गर्भवती महिलाएं इसके उपयोग करने से पहले डॉक्टर की परामर्श ले सकते हैं|
Note: आपको इसके प्रयोग के लिए किसी अच्छी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर में जाकर ही इसे खरीदना चाहिए|क्योंकि शिकाकाई से बने हर प्रकार के प्रोडक्ट आपको बाजार में उपलब्ध होते हैं|आज बाजार में शिकाकाई का इस्तेमाल कर उपरोक्त समस्याओं का समाधान के लिए आप अच्छे प्रोडक्ट को उपयोग कर सकते हैं|परंतु आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा की सबसे पहले विश्वसनीय मेडिकल स्टोर एवं असली प्रोडक्ट ही खरीदें|खरीदने से पहले आपको इन सारी बातों का ध्यान देने की आवश्यकता है|
अंत में एक महत्वपूर्ण बात,इसके प्रयोग से पहले आपको आयुर्वेद के किसी विशेषज्ञ सेअवश्य राय लेनी चाहिए,जिससे आपको ज्यादा फायदा हो सकता है|
निष्कर्ष(Conclusion)
हमने इस लेख के माध्यम से शिकाकाई के बारे में लाभ,इसका स्वरूप,इसका इस्तेमाल एवं रासायनिक तत्वों के बारे में विस्तार से जाना|यह एक बेहतर प्राकृतिक आयुर्वेदिक औषधि है|आज हम किसी भी समस्या के लिए रासायनिक दवावों का इस्तेमाल करते हैं| जिससे फायदे कम और इसके साइड इफेक्ट ज्यादा होने लगते हैं|इसलिए यदि आप अपने स्वास्थ को बेहतर बनाना चाहते हैं तो आपको अपने स्वास्थ्य के किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं तो जुड़े, आयुर्वेदिक औषधि के साथ और प्राकृतिक से जुड़कर अपने जीवन शैली को बेहतर बनाए |
सवाल जवाब(FAQs)
Q.क्या शिकाकाई के प्रयोग से मेरे बाल में वृद्धि हो सकती है?
A.हां बिल्कुल,आपको किसी अच्छे विश्वसनीय स्रोत से शिकाकाई से बने प्रोडक्ट,जो बालों के लिए बेहतर हो, उसे इस्तेमाल कर सकते हैं|
Q.शिकाकाई से बने प्रोडक्ट कहां से प्राप्त किया जा सकता है?
A.इसके लिए आपको किसी अच्छी मेडिकल स्टोर या फिर भरोसेमंद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी खरीद सकते हैं|
Q.मुझे प्राकृतिक वनस्पति एवं आयुर्वेद औषधि के बारे में और अधिक जानकारी चाहिए?
A.आपको प्राकृतिक वनस्पति एवं आयुर्वेदिक औषधियां से संबंधित सारी जानकारियां www.Imhoro.com के वेबसाइट पर मिल जाएंगे|
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Written by Suraj Horo