परिचय(Introduction)
C.P.Radhakrishnan को NDA ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का फैसला कर लिया है|
BJP के बोर्ड के लंबे बैठक के बाद सी.पी. राधाकृष्णन के नाम उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर तय किया गया|
इसके साथ ही BJP अध्यक्ष J.P.Nadda ने इसकी घोषणा की|सी.पी. राधाकृष्णन होंगे,NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार|

C.P.Radhakrishnan कौन हैं?
सी.पी. राधाकृष्णन चंद्रपुरम पुनस्वामी राधा कृष्णन एक अनुभवी राजनेता और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं|इन्हें हाल ही में NDA के उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है|इनका जन्म 20 OCT 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था|उन्होंने कोयंबटूर के वीओ चिदंबरम कॉलेज के व्यवसाय प्रशासन में अपना ग्रेजुएशन किया|राधाकृष्णन एक कपड़ा निर्यातक और उद्योगपति के रूप में जाने जाते हैं|
उनकी लोकप्रियता और राजनीति/ सार्वजनिक जीवन में योगदान
सी.पी. राधाकृष्णन राजनीति में आने से पहले,कपड़ा निर्यातक और उद्योगपति के रूप में जाने जाते हैं|इन्होंने तिरूपुर नेटवेयर निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दिया है|यदि हम उनके राजनीतिक कैरियर की बात करें तो इनका राजनीतिक सफर दशकों से ज्यादा रहा है|
C.P.Radhakrishnan प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु के टूटी कोरीन के वीओ चिदंबरम कॉलेज से BBA बैचलर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की है|
जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि
इनका जन्म 4 में 1957 में तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में हुआ था|इनके पिता C. K.Ponnusamy एवं माता का नाम K.Janki है|
उनकी पत्नी R.Summati है|इनके एक बेटा एवं बेटी है|
शिक्षा और शुरुआती करियर
इन्होंने कोयंबटूर के वीओ चिदंबरम कॉलेज के व्यवसाय प्रशासन में अपना ग्रेजुएशन किया|
16 वर्ष की आयु में RSS के स्वयंसेवक बने|और 1974 में भारतीय जन संघ के तमिलनाडु कार्यकारी समिति के सदस्य भी रहे|
RSS के स्वयंसेवक के रूप में उनकी शुरुआत ने उन्हें भाजपा में एक मजबूत आधार प्रदान किया|
उनकी सौम्या और गैर विवाद छवि ने उन्हें पार्टी और RSS दोनों में ही एक सम्मानित पर्सनालिटी बनाए रखा|
C.P.Radhakrishnan राजनीतिक करियर की शुरुआत
इनका राजनीतिक कैरियर की शुरुआत 1998 और 1999 में कोयंबटूर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद चुने गए|भाजपा संगठन में उनकी भूमिका 2004 से 2001 तक रही|साथ ही फरवरी 2023 -जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे|
राजनीति में आने की कहानी
सी.पी. राधाकृष्णन का RSS के साथ गहरा संबंध रहा| 16 वर्ष की आयु में RSS के स्वयंसेवक बने और
1974 में भारतीय जनसंघ की तमिलनाडु कार्यकारी समिति के सदस्य भी रहे|
राधाकृष्णन की राजनीति RSS की विचारधारा में गहरी रुचि रखती है|वह संघ परिवार की विचारधारा के प्रति समर्पित रहे|
C.P. Radhakrishnan की शुरुआती चुनौतियों और उपलब्धियां
इनकी खास उपलब्धियां में 1998 और 1999 में कोयंबटूर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद चुने गए|
इस दौरान उन्होंने वस्त्र उद्योग पर संसदीय समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया|
और राजनीतिक के कई कार्यो में जैसे वित्त समिति और स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच के लिए विशेष संसदीय समिति में अपना योगदान दिया|
महत्वपूर्ण पद और जिम्मेदारियां
इन्हें संसदीय स्थाई समिति के अध्यक्ष के रूप में काम करने का मौका मिला|इसके अलावा सार्वजनिक कार्यों जैसे वित्त समिति और स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच संसदीय समिति में भी इनका योगदान रहा है|इसके साथ ही भाजपा संगठन में 2004-2007 तक रहे|
संसद सदस्य/राज्यपाल/अन्य पदों की जानकारी
इनके खास पदों में फरवरी 2023-जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्यरत रहे|
इस दौरान उन्होंने 4 महीना में राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया |
और नागरिक और अधिकारियों से सीधा संवाद करने की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई|
31 जुलाई 2024 सेवाएं महाराष्ट्र के राज्यपाल चुने गए|इसके बाद उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया|
प्रमुख जिम्मेदारियां और कार्यकाल
इनके राज्यपाल का सफर तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में अतिरिक्त प्रभार भी रहे|
2016 से 2020 तक में कोयंबटूर स्थित केयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे |
जिसके तहत भारत के केयर निर्यात में रु 2532 करोड़ का रिकॉर्ड स्तर हासिल किया|2020–2022 तक में केरल भाजपा के प्रभारी भी रहे|
C.P.Radhakrishnan योगदान एवं उपलब्धियां
सी.पी. राधाकृष्णन 16 वर्ष की उम्र से ही RSS से जुड़े हैं|1974 में भारतीय जन संघ के राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने|फिर भारतीय जनता पार्टी और कोयंबटूर से दो बार सांसद चुने गए|
राज्य/देश के विकास में C.P.Radhakrishnan का योगदान
इन्होंने तिरुपुर से नेटवियर निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दिया है|इनकी प्रमुख उपलब्धियां में
1998 और 1999 में कोयंबटूर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद चुने गए|फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे|
महत्वपूर्ण योजनाएं, नीतियां या पहल
इनके कार्यकाल के दौरान 1998 के कोयंबटूर बम विस्फोट के बाद उन्होंने पुलिस से कहा- कि केवल दोषियों को गिरफ्तार किया जाए| ना कि पूरे समुदाय को निशाना बनाया जाए|इस कदम ने उन्हें “कोयंबटूर का वाजपेई” उपनाम दिलाया |
विवाद एवं चुनौतियां
2023 में जब तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक विवादस्पद बयान सनातन धर्म को लेकर दिया|तब झारखंड के राज्यपाल के रूप में राधा कृष्ण ने इसका एक कड़ा जवाब दिया था|उन्होंने कहा-सनातन धर्म को नष्ट करने की कोशिश करने वाले अपने ही कर्मों से नष्ट हो जाएंगे|
C.P.Radhakrishnan के करियर में आई कठिनाइयां
इनके राजनीतिक कैरियर में आनेको कठिनाइयां आई|
परंतु उनके मैत्रीपूर्ण व्यवहार एवं अनुभवी नेता होने के कारण,
इन्होंने सभी कठिनाइयों को धीरे-धीरे समाप्त किया|
क्योंकि इनके लंबे राजनीतिक सफर के दौरान इन्हें एक अनुभवी राजनेता एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में जाना जाता है|
विवादों पर उनका रुख
जिनका जिक्र हमने पहले भी किया है|साल 2023 में जब तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक विवाद बयान
सनातन धर्म को लेकर दिया था|तब झारखंड के राज्यपाल के रूप में राधा कृष्ण ने इसका एक कड़ा जवाब भी दिया था
उन्होंने कहा-सनातन धर्म को नष्ट करने की कोशिश करने वाले अपने ही कर्मों से नष्ट हो जाएंगे|
वर्तमान भूमिका और प्रभाव
वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है|
खासकर राधाकृष्णन एक बहुत ही शालीन एवं मैत्रीपूर्ण संबंध रखने वाले नेता हैं|
इन्हें भाजपा की दक्षिण भारत और तमिलनाडु में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है|
खासकर 2026 में विधानसभा चुनाव को देखते हुए|
वर्तमान में C.P.Radhakrishnan की स्थिति
पिछले रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है|राधाकृष्णन का चयन NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में भाजपा के दक्षिण भारत और तमिलनाडु में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है|जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं|उनके स्वच्छ छवि RSS की पृष्ठभूमि और सभी दलों के साथ अच्छे संबंध के लिए उन्हें आगे किया जा रहा है|
जनता और राजनीति पर उनका प्रभाव
जनता को इसकी जानकारी होते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी|पार्टी के साथ-साथ लोगों में अलग ही खुशी देखने को मिल रही है|इसकी जानकारी जब सी.पी. ने अपनी मां को दी-तो उन्होंने भाजपा पद अधिकारियों और लोगों को मिठाईयां खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की|
निष्कर्ष
C.P. की माताजी जानकी आंबल ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा-हमने उनका नाम C.P. Radhakrishnan इस उम्मीद से रखा था कि वह राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे बनेंगे|
C.P.Radhakrishnan का भारतीय राजनीति में स्थान
राधाकृष्णन को एक सौम्य गैर विवादस्पद और सभी दलों के मैत्रीपूर्ण संबंध रखने वाला नेता माना जाता है|
तमिलनाडु में DMK के एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें गलत पार्टी में अच्छा इंसान कहा|
और उनकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से की थी|
भविष्य की संभावनाएं एवं उनकी विरासत
2026 में विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में
भाजपा की दक्षिण भारत और खासकर तमिलनाडु में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है|
Read Also:Gyanesh Kumar :Election Commission Ne Chuppi Todihttps://imhoro.com/gyanesh-kumar-election-commission-ne-chuppi-todi/
Follow us:Imhoro communityhttps://www.facebook.com/profile.php?id=61575370258519
written by Suraj Horo