परिचय(Introduction)
Sitafal ka ped आयुर्वेद में सीताफल का वैज्ञानिक नाम Annona Squamosa के नाम से जाना जाता है|
साथ ही यह ANNONACEAE प्रजाति का पेड़ माना जाता है|यह प्रसिद्ध औषधि पेड़ माना गया है|
इसका उपयोग आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही उत्तेजना की वृद्धि,पाचन क्रिया को सुदृढ़ करने और पेट के अंदर के कीटनाशक जैसी समस्याओं के उपचार के लिए किया जाता है|

सीताफल का संक्षिप्त परिचय
सीताफल सामान्यत: हम इसे शरीफा के नाम से अच्छी तरह से जानते हैं|हमने इसे बचपन में बहुत खाया है
|ज्यादातर यह हर किसी के आंगन में एक पेड़ जरूर मिलता है|परंतु अब समय के साथ-साथ यह कम दिखने लगा है|हमने अभी जाना कि
इसे हिंदी में शरीफा,एवं आयुर्वेद जगत के लिए सीताफल के नाम से जाना जाता है|
English में इसे Custard apple tree कहा जाता है|इसका वैज्ञानिक नाम Annona Squamosa है|
इसके अलावा यह ANNONACEAE प्रजाति का पेड़ माना जाता है|सामान्यत: यह पेड़ ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा पाया जाता है|सीताफल का प्रयोग,मतलब इस पकने के बाद खाया जाता है|ज्यादातर मामलों में इसे तैयार स्थिति में तोड़ा जाता है|और पकने के लिए कुछ दिनों तक रखा जाता है|
आयुर्वेदिक औषधियां के रूप में सीताफल की बढ़ती मांग
सीताफल की आवश्यकता प्राचीन काल से ही मानव स्वास्थ्य के लिए प्रयोग किया जाता आया है|क्योंकि सीताफल के पेड़ में बहुत सारे औषधीय गुणों की भरमार होती हैं|जो की विभिन्न प्रकार की स्वस्थ समस्याओं के समाधान के लिए उपयोग में लाई जाती है|
Sitafal ka ped के बारे में जरूरी जानकारी
इस लेख के माध्यम से आप सीताफल के पेड़ के आकार,प्रकार,इसके स्वरूप एवं इसके रासायनिक गुण के साथ-साथ इसके उपयोग के बारे में जानने वाले हैं|और इसके सावधानियां के साथ-साथ इसकी सीमाओं के बारे में भी जानेंगे|इसके अलावा आधुनिक विज्ञान में इसके विशेष महत्व की जानकारी भी हासिल करेंगे|
Sitafal ka ped के आयुर्वेदिकऔषधि के रूप में परिभाषा(Definition of custard apple as an ayurvedic medicine)
सीताफल के पेड़ के बारे में हमने थोड़ी देर पहले ही सभी जानकारी हासिल किया है|
सामान्यत: यह एक छोटा पेड़ होता है|जिनमें फल लगे होते हैं|इन फलों को तैयार होने में लगभग 2 से 3 महीने का समय लगता है|हमने भी बचपन में से बहुत खाया है|
साधारणत: इसे पकाने के बाद ही खाया जाता है|कुछ-कुछ जगहों पर इसे कच्चा शरीफा भाप में भी पका कर खाया जाता है|इसके बहुत सारे लाभदायक गुण होते हैं|
लगभग हर इंसान इस पेड़ को जानते एवं पहचानते होंगे|हम इसके आकार प्रकार एवं स्वरूप की बात करें|तो यह पेड़ छोटा आकार का होता है|इसके फूल इनके शाखों में उत्पन्न होते हैं|प्राय: यह पेड़ जंगल में प्राकृतिक रूप से उगते हुए पाए जाते हैं|इसके फूलों का रंग हरित श्वेत पंखुड़ियां मांसल के होते है|इसके फल हर एवं पीले समूह के होते हैं|
पूर्ण रूप से इसे प्राकृतिक स्रोतों से ही पाया जाता है|पहले जमाने के लोगों के घरों के आंगन में यह पेड़ अवश्य देखने को मिलते थे|अभी भी यह पर ग्रामीण,देहात इलाकों में घर के आस-पास जरूर देखने को मिलता है|इसे हम मुख्यत: एक प्राकृतिक वनस्पति के रूप में जानेंगे|
Sitafal ka ped के आयुर्वेदिक औषधि के रूप में रासायनिक गुण एवं स्वास्थ्य के लिए महत्व(The chemical properties and health benefits of custard apple tree as an ayurvedic medicine)
Sitafal ka pedका आयुर्वेदिक औषधि के रूप में विशेष महत्व
इसके पेड़ में बहुत सारे रासायनिक गुणों की भरमार है|क्योंकि यह स्वाद में कड़वा होता है कच्चा में,पकने पर यह मीठे हो जाता है|साधारणत:सीताफल के पेड़ का मुख्य रूप से प्रयोग में आने वाले में से इसके जड़,पते,फल एवं बीजों का बहुत ही महत्व होता है|
लिए हम विस्तार से इसके रासायनिक तत्व एवं गुणों के बारे में समझते हैं:
- सबसे पहले हम इसके पत्तों में प्राप्त होने वाले रासायनिक तत्वों के बारे में चर्चा करेंगे|
–इसमें एनोनन,रोमेरीन,कोरीडीन,नारकोरीडीन,आइसोकोरीडीन,एवं नोरी को कोरिडीन जैसे महत्वपूर्ण रासायनिक तत्वों का मिश्रण पाया जाता है|
–इसके अलावा इसमें ग्लोसिन,फ्रेडलीन,एल्कलॉइड्स के साथ उत्पत तेल एवं उड़नशील तेल भी पाया जाता है|
–साथ ही कार्वन,माइकेलाबिनके अलावा इसमें डियाजएपीन के साथ-साथ बीटा कैरिया फाइलेनएवं कम पर के साथ-साथ बोरमियल जैसे महत्वपूर्ण घटक पाए जाते हैं|
Sitafal ka ped का हमारे स्वास्थ्य के लिए किस तरीके से प्रभाव डालता है
सीताफल का पेड़ का हमारे दैनिक जीवन में बेहतर स्वास्थ लाभ मिलता है |
परंतु आज व्यस्त जीवन शैली में लोग अपना स्वास्थ्य का ध्यान रखना लगभग बेपरवाह हो चुके हैं|
ऐसे में सीताफल का पेड़ का संपूर्ण भाग हमारे लिए बहुत ही लाभदायक एवं कारगर होने वाला है|
- सीताफल आयुर्वेदिक या पारंपरिक मतों के अनुसारठंडी तासीर वाला,मीठा एवं पौष्टिक फल होता है|
- यदि इसकी अधिक मात्रा में सेवन करने से ज्यादातर मामलों में इससे नींद,सस्ती या मानसिक जड़ता लाती है|
- आयुर्वेद के अनुसार इस फल को कफ़वर्धक माना गया है|यदि आप ज्यादा मात्रा में सेवन करेंगे तो यह बुद्धि को मंद कर सकता है|
- यह उत्तेजक होता है|इसके सेवन से शरीर या मस्तिष्क को सक्रियता मिलती है|जो की जोश पैदा करती है|
- इससे पेट में जितने भी अपशिष्ट पदार्थ होते हैं|उन्हें बाहर निकलता है|
साथ ही या ऐसा आयुर्वेदिक औषधि है जो पेट को साफ कर मल त्याग को आसान बनाता है|
- कीटनाशक का भी काम करता है|इसके बीजों में बहुत सारे महत्वपूर्ण रासायनिक तत्वों का मिश्रण पाया जाता है|
Sitafal ka ped का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग एवं इससे होने वालेविभिन्न फायदे (The use of the custard apple tree as an ayurvedic medicine and its various benefits)
सीताफल के पेड़ का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में विशेष प्रकार से उपयोग किया जाता है|
साथ ही इसके बहुत सारे फायदे मिलते हैं|
साधारणत: बात की जाए तो इसके संपूर्ण पेड़ से विभिन्न प्रकार की औषधियां का निर्माण किया जाता है|
क्योंकि इसके सभी भाग काम के ही होते हैं|
उदाहरण के लिए इसके मूल(जड़) पत्ते फल एवं बीजों का भी आयुर्वेदिक जगत में प्रयोग किया जाता है|
इस कारण से इस आयुर्वेदिक जगत में महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा गया है|
Sitafal ka ped का उपयोग
सबसे पहले हम इसके पत्तों एवं फल के उपयोग के बारे में बात करेंगे|
इसका प्रयोग मन को शांत एवं आयुर्वेद की भाषा में दुष्ट:बुद् कहा जाता है|
जो कि दिमाग को भ्रमित करने वाला होता है|इसके अलावा इसका प्रयोग
- इसके नए पत्तों के रस का उपयोग पेट की समस्याओं से आराम पाने के लिए किया जाता है|
- साथ ही इसके पत्तों का पेस्ट भी बनाया जाता है|
- इसके पत्ते,फल एवं जड़ों का प्रयोग सर्दी जुकाम एवं खांसी जैसे संक्रमित रोगों के लिए किया जाता है|
-जिसमें नाक से अपनी बहना
-छींक आना
-नाक बंद होना
-सर दर्द के अलावा सर्दी जुकाम का होना|
- जहां तक सवाल है इसके बीजों का,तो यह भी उत्तम आयुर्वैदिक औषधि है|इसके बीच कीटनाशक औषधि के निर्माण में प्रयोग में ले जाते हैं|जिससे खटमलों को नाश किया जाता है|
- इसका प्रयोग दाह एवं रक्तपित्त में फल का प्रयोग लाभकारी माना जाता है|
- इसके साथ ही इसके बीजों एवं पत्तों को पीसकर जू मारने के लिए प्रयोग किया जाता है|
- साथ ही इसके पत्तों का लेप फोड़े पर लगाने से आराम मिलता है|
Sitafal ka ped मुख्य रूप :::
यह हमारे जीवन में दीर्घकालीन स्वस्थय लाभ पहुंचाते हैं|जिससे शरीर और मन का संतुलन बरकरार रहता है|
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे किसी भी प्रकार का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है|
यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं सुरक्षित विकल्प माना जाता है |
Sitafal ka ped के प्रयोग के लिएकुछ विशेष सावधानियां एवं सीमाएं(Some precautions and limitations for the use of custard apple tree)
सीताफल के पेड़ हमारे दैनिक जीवन के लिएबहुत ही लाभदायक पेड़ है|
जिसमें बहुत से फायदे मिलते हैं|
परंतु इसके बारे में सही जानकारी नहीं मिलने पर या फिर इसका गलत प्रयोग करने पर हमें कुछ नुकसानों का भी सामना करना पड़ सकता है|
इससे जुड़ी सारी सावधानियां
- सबसे पहले आपको इस पेड़ केसभी भागों का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग बिना वैध या जानकार के सलाह के बिना नहीं करना चाहिए|
- इस पेड़ से निर्मित औषधीय का प्रयोग गर्भावस्था महिलाओं के ऊपर ना करें|
आधुनिक विज्ञान में सीताफल का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में मेल(the harmony between modern science and custard apple tree as an ayurvedic medicine)
सीताफल के पेड़को वैज्ञानिक शोधों द्वारा प्रमाणित एवं निर्मित विभिन्न प्रकार की औषधियां
1.एंटीऑक्सीडेंट औषधियां(Antioxidant formulation)
इसका विवरण:- सीताफलों के बीज,फलों और इसके पत्तों में पॉलिफिनायल्स और प्लेबॉनायट्स जैसे महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं |
प्राप्त होने वाले लाभ:-यह शरीर के फ्री रेडिकल्स को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं|
इसके अलावा शरीर को कैंसर,हृदय रोग और उम्र की वृद्धि की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक होती है|
2.एंटी कैंसर रोधी औषधि:-
विवरण:-सीताफल के बीज एवं पत्तों में मौजूद annonacian तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर रोधी होते हैं|
लाभ:-वैज्ञानिक शोधों के अनुसार यह कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं|
साथ ही इसे हर्बल कैंसर रोधी औषधि का निर्माण होता है|
3.डायबिटीज संबंधी समस्याओं के लिए:-
विवरण:- विभिन्न शोधों के द्वारा पता चला है कि सीताफल के बीजों एवं पत्तों से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है|
लाभ:-डायबिटीज टाइप-2 रोगी के लिए यह बेहतर हर्बल सप्लीमेंट बनता है|
निष्कर्ष( Conclusion)
हमने इसलिए के माध्यम से सीताफल के पेड़ से संबंधित सारी जानकारी दिया|कुल मिलाकर बात की जाए तो यह हमारे स्वास्थ्य जीवन के लिए बहुत फायदेमंद है|
जहां तक सवाल है सीताफल के पेड़ के संपूर्ण जानकारी के लिए तो आपके यहां हर प्रकार की जानकारी बता दी गई है|
Note: आपको बस इस बात का विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है|जब भी इसका इस्तेमाल करें| किसी बेहतर वैध या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की राय पर ही इस्तेमाल करें|
साथ ही आयुर्वेदिक औषधियां के बारे में और भी बेहतर जानकारी हासिल करने के लिए आप हमारे वेबसाइट http/Imhoro.com पर जाकर देख सकते हैं|
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल(FAQs)
Q.क्या सीताफल या शरीफ का सेवन हर कोई कर सकता है?
A.हां बिल्कुल,इसके फलों को कोई भी खा सकता है साथ ही इससे बने प्रोडक्ट को आप डॉक्टर की राय से इस्तेमाल कर सकते हैं|
Q.क्या इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है?
A.बिल्कुल,इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है|लेकिन एक्सपेरिमेंट करने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की राय अवश्य ले|
Q.इन्हें कहां से खरीदें?
A.इनके पके फल आपको फलों के बाजार में मिल जाएंगे|
अथवा इससे निर्मित औषधि आपको आयुर्वेदिक औषधि स्टोर पर से ले सकते हैं|
Q.क्या यह पूरी तरह से प्राकृतिक है?
A.हां यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक वनस्पति की श्रेणी में आता है|
Read also:Bhringraj kya hai? iske ausadiye gun,upyog,fayde aur vegyanik tathyahttps://imhoro.com/bhringrajtrailing-eclipta-kya-hai-iske-ayurvedic-gun-upyog-fayde-aur-vaigyanik-tathya/
written by Suraj Horo