(परिचय) introduction
Bhringraj जिसे आयुर्वेद में भृंगराज ही कहा जाता है| इसे English में Trailing Eclipta के नाम से जानते हैं|संस्कृत में इसे केशराज/माकंद/भृंग के नाम से जाना जाता है|इसके साथ इसका वैज्ञानिकEclipta Alba Hassk नाम है|यह प्रसिद्ध औषधि पौधा माना गया है|इसका प्रयोग आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही दर्द निवारक,पाचन संबंधी एवं यकृत संरक्षण जैसी समस्याओं के उपचार के लिए किया जाता आया है|

Bhringraj का संक्षिप्त परिचय
भृंगराज हमने साधारणत: बहुत बार सुना होगा|इसे हिंदी में भृंगराज के नाम से जाना जाता है|आयुर्वेद औषधि जगत में इसका बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है|इंग्लिश में इसे Trailing Eclipta के नाम से जाना जाता है|
सामान्यत: यह एक पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक वनस्पति औषधि है|खासकर यह जंगली,पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाती है|
भृंगराज का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में बढ़ती मांग
इस का उपयोग तो मानव स्वास्थ्य के लिए प्राचीन काल से किया ही जाता आया है,परंतु इसका उपयोग आज भी विभिन्न प्रकार के औषधि के निर्माण के लिए किया जाता है|भृंगराज के पौधे से विभिन्न प्रकार की उपयोगी औषधीय का निर्माण किया जाता है|क्योंकि इस पौधे की विशेषताएं यह है कि इस पौधे की सभी भागो का प्रयोग किया जाता है| विशेष कर इसके पत्तों,बीज एवं जड़ों का विशेष महत्व होता है|आज भी विभिन्न प्रकार की मेडिकल कंपनी भृंगराज से दवाइयां का निर्माण करती है|
भृंगराज के बारे में इस आर्टिकल में आप किन-किन बातों को जानेंगे
इस आर्टिकल के माध्यम से आप भृंगराज के पौधे का स्वरूप,रासायनिक संगठन, गुणों,तत्वों -इसका उपयोग बरतने वाली सावधानियां,सीमाएं इसके अलावा आधुनिक विज्ञान में भृंगराज का क्या महत्व है|
Bhringraj आयुर्वेदिक औषधि के रूप में परिभाषा(Definition of bhringraj as an ayurvedic medicine)
भृंगराज को आयुर्वेदिक औषधि क्यों कहा जाता है?
इसका प्रयोग आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही किया गया है|इसका उपयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता है|इसकी उपयोगिता को देखकर ही इस आयुर्वेदिक औषधि की श्रेणी में रखा गया है|
भृंगराज को किन स्रोतों के द्वारा पाया जाता है
साधारणत: भृंगराज एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला आयुर्वेदिक औषधि है|साथ ही यह ज्यादातर जंगली,पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर पाया जाता है|और इसकी विशेषता यह है|इसे साधारण लोग नहीं पहचान सकते|जो लोग इसके बारे में जानते हैं या फिर जो आयुर्वेदिक औषधि के जानकार हैं उन्हीं के द्वारा यह पौधा पाया जाता है|भृंगराज के स्वारूप की बात करें तो, यह पौधा छोटा और घना होता है|इसकी बहुत सारी शाखाएं जमीन से उठी हुई होती है|साथ ही इसकी शाखाएं खुरदरी होती है|इसके अलावा इसकी ग्रंथियां प्राय: मूल युक्त होती है|और इसके पत्ते अंडाकार होते हैं|साथ ही आयताकार भी होते हैं|कुछ पेट नुकीले एवं विपरीत दिशा में होते हैं|इसका स्वाद कड़वा होता है|
भृंगराज के आयुर्वेदिक औषधि के रूप में रासायनिक गुण एवं स्वास्थ्य के लिए महत्व(The chemical properties and health benefits of bhringraj as an ayurvedic medicine)
इसका आयुर्वेदिक औषधि के रूप मेंबहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है|क्योंकि इसमें बहुत सारे महत्वपूर्ण रासायनिक गुणों एवं तत्वों की भरमार होती है|आईए इसके रासायनिक संगठनों एवं तत्वों के बारे में विस्तार से जानेंगे|
भृंगराज में ग्लूकोज साइट्स-फैटो स्टीरोल-ए,बीटा-एमीरीन,वीडिलोलेक्टन,ट्रयटपैनिकअम्ल,वसा अम्ल जैसे रासायनिक तत्व विद्यमान होते हैं|इसके अलावा इसमें पामेटिक अम्ल,स्ट्रिक अम्ल,ओलिक अम्ल एवं लाईनोलिक अम्ल की मात्रा पाई जाती है|
इस में और भी महत्वपूर्ण गुण मौजूद होते हैं| जैसे निकोटिन,एंप्लीप्टिन,अल्कलॉइड तथा रोल जैसे बहुत ही स्वस्थ वर्धक तत्वों की मात्रा पाई जाती है|
भृंगराज हमारे शरीर में किन तरीकों से बेहतर प्रभाव डालती है
इस में बहुत सारे उपयोगी गुण पाए जाते हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर असर डालते हैं|आईए जानते हैं यह हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण होता है|
- भृंगराज का इस्तेमाल उल्टी करने वाली औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है|उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति विषाक्त भोजन या गलत चीजों को खा लेता है तो ऐसे में उसे भृंगराज का सेवन कर कर उल्टी कराई जाती है|
- दर्द निवारक औषधीय के रूप में प्रयोग में लाई जाती है|
- शरीर में होने मरोड़ या शारीरिक खिंचाव में हो रहे परेशानियों को दूर करने के लिए|
- किसी भी प्रकार की दुर्गंध को रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है|
- इसके अलावा इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं जैसे,शरीर में होने वाले यकृत संरक्षक एवं पाचन संबंधी समस्याओं के लिए इस्तेमाल की जाती है|
भृंगराज का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग एवं इससे होने वाले विभिन्न फायदे(The use of the bhringraj as an ayurvedic medicine and its various benefits)
भृंगराज का हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण जगह है|परंतु हम इसके बारे में जानकारी न होने की वजह से इसका प्रयोग नहीं कर पाते हैं|भृंगराज से विभिन्न प्रकार के फायदे मिलते हैं|क्योंकि यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक औषधि है|साथ ही जब इसे विभिन्न प्रकार की औषधियां का निर्माण होता है तो हमें इसके बारे में जानकर
हैरानी होगी|
भृंगराज का हमारे जीवन में दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ
इसका प्रयोग कर बहुत सारे स्वस्थ समस्याओं से निजात मिलता है|साधारणत: इससे निर्मित औषधि का प्रयोग निम्नलिखित समस्याओं के लिए किया जाता है|
- पीलिया(Jaundice) एक बीमारी है|जो की सामान्यत: यकृत(लिवर) की खराबी के कारण होता है|जिसके कारण पूरे शरीर में एवं आंखों के साथ-साथ त्वचा का रंग भी पीला हो जाता है|इसके समाधान के लिए भृंगराज बहुत उपयोगी आयुर्वेदिक औषधि मानी गई है|
- शरीर में किसी प्रकार की चोट,घाव को ठीक करने के लिए भृंगराज का इस्तेमाल किया जाता है|
- अस्थिरोपन: किसी दुर्घटना के कारण यदि हड्डी में टूट हो गई हो,तो ऐसे में भृंगराज का इस्तेमाल किया जाता है|
- इसके अलावा विभिन्न राज्य विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है|इसलिए इसे कुष्ठ संबंधी समस्या,बहुत तेज बुखार,साथ ही मुख्य रूप से हाथ पैर में सूजन आना या फाइलेरिया जैसी बीमारियों के लिए भी मुख्य रूप से इसका प्रयोग किया जाता है|खासतौर पर इसका प्रयोग बालों को काला करने के लिए भी किया जाता है|विभिन्न प्रकार के खांसी एवं सांस संबंधी समस्याओं मैं इसका बेहतर प्रयोग किया जाता है|
भृंगराज के प्रयोग से कुछ और फायदे
इसके इस्तेमाल से शरीर और मां का संतुलन बरकरार तो रहता ही है|इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते क्योंकि आप पूर्ण रूप से प्राकृतिक वनस्पति है इस आयुर्वेदिक औषधि की श्रेणी में इसका विशेष महत्व रहा है|
Bhringraj के प्रयोग के लिए कुछ विशेष सावधानियां एवं सीमाएं(some precautions and limitation for the use of bhringraj )
हमने भृंगराज के विभिन्न प्रकार के फायदे एवं स्वस्थ लाभों के बारे में जाना|इसे आर्युवेदिक जगत में स्वास्थ्य के लिए विभिन्न प्रकार की औषधियां के निर्माण के लिए प्रयोग में लाई जाती है|साथ ही इसका इस्तेमाल हमें किन तरीकों से करना हैं|
परंतु अभी तक हमने इसके इस्तेमाल करने से पहले बरतने वाले सावधानी एवं सीमाओं के बारे में नहीं जाना|तो लिए हम भृंगराज के बारे में और इसके प्रयोग करने से पहले बरतने वाली सावधानियां के बारे में अच्छी तरह से जानेंगे|
- सबसे पहले हमें यह समझने की आवश्यकता है|इसका प्रयोग खुद से ना करें|इसे बिना वैध या आयुर्वेद के विशेषज्ञ के बिना इसका सेवन न करें|इसे उनकी देखरेख में ही इस्तेमाल करें|हालांकि यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक है|
- जबकि भृंगराज पूरी तरह से प्राकृतिक है|इससे किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता फिर आपको इसके इस्तेमाल की मात्रा को समझना होगा|
- इसे गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों से बचा कर रखें|
- वैसे लोग जो किसी प्रकार की बीमारियों का इलाज करा कर कोई दवाइयां का सेवन कर रहे हो|तो उन्हें आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दावों का एक साथ लेने से पहले डॉक्टर की परामर्श अवश्य लेनी चाहिए|
आधुनिक विज्ञान में भृंगराज का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में मेल(The harmony between modern science and bhringraj as an ayurvedic medicine)
भृंगराज का वैज्ञानिक शोधों द्वारा प्रमाणित एवं निर्मित विभिन्न प्रकार की औषधियां
- बालों के लिए,हेयर टॉनिक के रूप में
शोध:- वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि भृंगराज तेल का प्रयोग से बालों के बढ़ाने में सहायक होती है| साथ ही इससे बालों का झड़ना कम होता है|
प्रमाण:-यह बालों की जड़ों को पोषण देने के साथ-साथ मजबूती प्रदान करता है|
- लीवर की संरक्षण में:-
शोध:-भृंगराज में हेपेतो प्रोटेक्टिव यानी की लिवर प्रोटेक्टिव गुण होते हैं|जो कि हमारे लीवर को बचाने में सहायक होता है|
उपयोग:- इसलिए इसका प्रयोग पीलिया,फैटी लीवर एवं लीवर की सूजन आदि समस्याओं के लिए भी प्रयोग किया जाता है|
- Immunity बढ़ाने के लिए:-
भृंगराज में महत्वपूर्ण गुणों की मात्रा पाई जाती है| जैसे कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रो गुण मौजूद होते हैं|जिसमें शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है|
- त्वचा संबंधी रोगों के लिए:-
शोध:- भृंगराज के प्रयोग से अर्क से त्वचा की सूजन,खुजली और विभिन्न प्रकार के संक्रमण से लाभ पाया जाता है|
उपयोग:- इसके प्रयोग से विभिन्न प्रकार की औषधियां और मलहम के साथ-साथ लोशन मिलाया जाता है|
निष्कर्ष(conclusion)
इस लेख के माध्यम से हमने भृंगराज के औषधीय गुणों के बारे में संपूर्ण बातों का विस्तार से जाना|साथ ही आज के जमाने में भृंगराज के प्रासंगिकता के बारे में हमने जाना|कुल मिलाकर इसमें हमनेभृंगराज के स्वरूप से लेकर इसके रासायनिक गुणों ,उपयोग एवं बरतने वाले सावधानियां के बारे में भी जाना|
अंत में निष्कर्ष यही निकलता है|यदि हमें अपने दैनिक जीवन में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है तो हमें भृंगराज के बारे में जानकारी रखनी होगी|इसके अलावा इससे निर्मित आयुर्वेदिक औषधियां का उपयोग करना चाहिए|ताकि हम इसे बने औषधीय का लाभ उठा सके|
यदि आप भी अपने स्वास्थ को लेकर गंभीर हैं|साथ ही आपको आयुर्वेदिक औषधि के बारे में बेहतर जानकारी पानी हो तो आप हमारे website www.Imhoro.com पर जाकर सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं|यहां पर आपको सभी प्रकार की औषधि एवं प्राकृतिक औषधियां से संबंधित जानकारी मिल जाएगी|
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल(FAQs)
Q.क्या भृंगराज का सेवन कोई भी कर सकता है?
A.हां बिल्कुल कर सकते हैं|परंतु इसके इस्तेमाल से पहले आप अपने स्वास्थ संबंधी चेकअप,किसी डॉक्टर से करा ले|
Q.क्या यह पूरी तरह से प्राकृतिक है?
A.हां, यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक वनस्पति और आयुर्वेदिक औषधि है|
Q.भृंगराज कहां से खरीदे/या प्राप्त कर सकते हैं?
A.आप इसेकिसी भी मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं|या फिर कोई भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से|
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written by Suraj Horo