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Dalchini ka upyog Ayurved me : ek prakritik ausadhi ki jankari

Table of Contents

परिचय(Introduction)

Dalchini,इसे हिंदी में दालचीनी या त्वक दारूसिता के नाम से जाना जाता है| इंग्लिश में इसे Cinnamon Bark  कहा जाता है|

दालचीनी का संक्षिप्त परिचय

इसके अलावा इसका वैज्ञानिक नाम Cinnamomum Zeylanicum Blume syn.c verum.LAURACEAE  है| साधारणत: दालचीनी एक छोटे कद का सदाबहार वृक्ष होता है|यह तेजपत्ता  पेड़ के प्रजाति के आकार का होता है, हालांकि हम जो दालचीनी के रूप में जो प्रयोग में लाते हैं वह वृक्ष की छाल होती है|

Daalchini

दालचीनी का आज के समय में बढ़ती मांग

दालचीनी सामान्यत: वृक्ष की छाल ही होता है क्योंकि इसमें बहुत से औषधि गुणों की भरमार होती है| 

आज यह मसाले के रूप में आता है | चाहे शाकाहारी भोजन हो या फिर मांसाहारी भोजन दालचीनी का प्रयोग अवश्य होता है|इस कारण से भोजन का स्वाद बढ़ जाता है|मसाले के रूप में दालचीनी का बहुत ही ज्यादा डिमांड रहता है|इसके अलावा इसमें कई सारे औषधीय गुणों  की मात्रा होती है|

इसका स्वरूप

आईए आज इस लेख के माध्यम से हम दालचीनी के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल करने वाले हैं| विशेष कर इसके स्वरूप,इसका प्रयोग,रासायनिक तत्व,संगठन एवं इसमें पाए जाने वाले गुणों के बारे में|

साथ ही हम इस लेख में इससे जुड़ी सावधानियां,सीमाएं और आधुनिक विज्ञान में इसका क्या महत्व है इस बारे में जानने वाले हैं|

दालचीनी का आयुर्वेदिक औषधि परिभाषा(The Ayurvedic medicinal definition of cinnamon)

हमने पहले ही दालचीनी के बारे में कुछ जानकारी दिया,परंतु फिर भी एक बार हम इसकी परिभाषा को विस्तार से बता दे|

इसमें हमने जाना की दालचीनी का प्रयोग विशेष कर आयुर्वेदिक औषधि के अलावा हमारे भोज्य पदार्थों में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है|

आयुर्वेदिक औषधि के रूप में दालचीनी

इसके प्रजाति एवं वैज्ञानिक नाम की बात करें तो इसका Botanical name Cinnamomum verum या C. cassia है| इसका प्रयोग आयुर्वेदिक औषधि के अलावा हमारे भोज्य पदार्थों के रूप में भी किया जाता है|यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक औषधि माना गया है|

दालचीनी को किन स्रोतों में पाया जा सकता है

दालचीनी मुख्यत: एक प्राकृतिक वनस्पति है|जो कि हमारे लिए एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में प्राचीन काल से इस्तेमाल होते आया है|इसका प्रयोग बहुत समय पहले से किया जा रहा है|

हालांकि दालचीनी हमें एक वृक्ष के माध्यम से प्राप्त होता है|इस वृक्ष की लंबाई छोटी कद की होती हैं साथ ही हमेशा हरा-भरा होता है|यह बहुत ही सुगंधित होता है इस कारण से अपने वातावरण को सुगंधित कर देता है|

इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के औषधीय एवं खाने-पीने की चीजों के लिए प्रयोग में लाया जाता हैं|

सामान्यत: यह पेड़ जंगलों एवं पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादातर पाया जाता है| कुछ क्षेत्रों में दालचीनी के पेड़ों को लगाया जाता है| क्योंकि आयुर्वेदिक जगत के साथ-साथ हमारे दैनिक जीवन की रोजमर्रा इस्तेमालों के लिए प्रयोग में लाई जाती है|

Dalchini का आयुर्वेदिक औषधि रासायनिक गुण(The chemical properties of dalchini as an Ayurvedic medicine)

इस का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में बहुत सारे रासायनिक तत्व एवं गुणों की मात्रा है| यह हमारे लिए बहुत सारे महत्वपूर्ण गुणों को प्रदान करता है साथ ही इसके विभिन्न प्रकार के गुणों के लिए यह जाना जाता है|

दालचीनी में पाए जाने वाले सक्रिय रासायनिक गुण

सबसे पहले हम इसकी छाल की बात करते हैं इसकी छाल में उत्पत्त तेल,सिनेमोन तेल एवं यूजिनॉल जैसे अनेक प्रकार की रासायनिक तत्व पाए जाते हैं|इसके अलावा इसके छालों से उड़नशील, सिनेझेलामाइन की मात्रा पाई जाती है|

दालचीनी में  गोद के घटक पाए जाते हैं|इस प्रकार से दालचीनी में विभिन्न प्रकार के रासायनिक संगठनों एवं तत्वों की भरमार होती है|जो कि हमारे लिए किसी न किसी रूप में बहुत ही लाभदायक होते हैं|

Dalchini हमारे स्वास्थ्य को किस प्रकार से बेहतर प्रभाव डालते हैं

  • दालचीनी के छालों से पाचन क्रिया संबंधी लाभ मिलते हैं|
  • किसी प्रकार के फ्लु एवं बुखार से भी राहत दिलाता है|
  • इससे बने हुए तेल से फफूंदी नाश होते हैं|
  • यह जीवाणु नाशक काम आता है|
  • दालचीनी गले की समस्या को दूर करता है|
  • खांसी,हृदय रोग,खाज खुजली,एवं कृमि नाशक जैसे विभिन्न समस्याओं के लिए प्रयोग में लाया जाता है|

Dalchini का आयुर्वेदिक औषधियां के रूप में उपयोग एवं इनसे होने वाली स्वास्थ्य संबंधी लाभ(The use of cinnamon as an Ayurvedic medicine & the health benefits associated with it)

दालचीनी के दीर्घकालीन स्वस्थ लाभ

सबसे पहले हम दालचीनी के स्वास्थ संबंधी महत्वपूर्ण गुणों के बारे में जानते हैं|

  • दालचीनी का प्रयोग सड़न एवं दुर्गंध को रोकने के लिए किया जाता है| उदाहरण के लिए किसी प्रकार की कोई वस्तु या खाद्य पदार्थ हो, उसे सड़न से बचाती है|
  • यह फफूंदी नाशक होती है| इस कारण से किसी वस्तु में फफूंद नहीं लगने देती|
  • दालचीनी की सबसे बड़ी विशेषता,यह बहुत अच्छी सुगंधित खुशबू प्रदान करती है|
  • इसके अलावा विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं में जैसे पाचन क्रिया को बेहतर बनाने एवं पेट से संबंधित गैस,कब्ज आदि में भी यह औषधि बहुत उपयोगी मानी जाती है|

दालचीनी के प्रयोग से होने वाले विभिन्न प्रकार के फायदे

दालचीनी से एक विशेष प्रकार के तेल का निर्माण किया जाता है साथ ही इसके तेलों से आमाशय से संबंधित समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है|यदि आपको खांसी संबंधी, पेट में गैस,कब्जआदि समस्या में भी इसके तेल का प्रयोग किया जाता है-इसके लिए इसके तेल को मिश्री में मिलाकर खिलाने से पेट संबंधी समस्याओं का निवारण हो जाता है|

सांस संबंधित एवं पेट में बनने वाली गैस इत्यादि में दालचीनी के तेल से मालिश करने से लाभ मिलता है|यदि यह पित्त समस्या कर रहा है तो ऐसे में दालचीनी का काढ़ा बनाकर पिलाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है| किसी व्यक्ति को सर्दी जुकाम के कारण सर दर्द हो रहा हो तो भी इसके कार्य से बहुत जल्द राहत मिलता है|

यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक औषधि है|इसमें किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है|यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक एवं सुरक्षित विकल्प माना जाता है|

Dalchini को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां एवं सीमाएं(Some important precautions & limitations regarding the use of cinnamon)

दालचीनी एक प्राकृतिक एवं पूर्व से आयुर्वेदिक वनस्पति औषधि है|इसके प्रयोग से ज्यादातर मामलों में लाभ ही प्राप्त होता है|क्योंकि इसका प्रयोग ज्यादातर मसालों में या तो खाद्य संबंधी के लिए,स्वास्थ्य संबंधित औषधि के रूप में प्रयोग में लाया जाता है|

इसमें तमाम लाभ होने पर भी इसके प्रति हमें कुछ सावधानियां की जरूरत होती है|

उदाहरण के लिए:-

  • दालचीनी का प्रयोग यदि आप आयुर्वेदिक औषधि के रूप में कर रहे हो तो बिना वैध की सलाह इसका सेवन न करें|
  • दालचीनी ऐसे तो अच्छी चीज मानी जाती है फिर भी इसे गर्भवती महिला एवं बच्चों के संपर्क से दूर रखें| खासतौर पर यह शरीर को गर्म देता है|
  • यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी बीमारी की मेडिसिन का सेवन कर रहा हो ,तो ऐसे में दालचीनी का इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से संपर्क अवश्य कर ले|

Dalchini का आयुर्वेदिक विज्ञान एवं औषधि जगत में तालमेल एवं इससे प्राप्त होने वाले समाधान(The harmony between modern science & Ayurveda in relation to cinnamon and the solution derived from it)

कुछ आधुनिक शोध के द्वारा पता चला है कि दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट,एंटी इन्फ्लेमेटरी एवं एंटीबैक्टीरियल गुणों की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी मानी जाती है|जिसे डायबिटीज,कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी समस्याओं में बहुत ही उपयोगी मानी जाती है|

दालचीनी को लेकर कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोधों द्वारा प्रमाणित औषधीय का विवरण

Dalchini एक बहुत ही प्रसिद्ध मसाला के रूप में जानी जाती है|यह सिर्फ एक साधारण मसाला ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक एवं आधुनिक विज्ञान में भी बेहतर प्रभावशाली औषधि के रूप में जानी जाती है|

जहां तक सवाल है, आयुर्वेदिक जगत में तो दालचीनी का प्रयोग से पाचन सुधार,किसी वस्तु या फिर दुर्गंध एवं सड़न से बचता है, इसके अलावा यह बुखार को भी खत्म करती है|

Dalchini से निर्मित कुछ महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि

इसका प्रयोग वैसे तो घरेलू उपचार के लिए ज्यादातर मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है|आज हर घर में यह आसानी से मिल जाता है|विशेष कर इस सर्दी जुकाम में होने वाले सर दर्द में,दालचीनी को घिसकर इसका लेप लगाने से(गर्म करके) बहुत जल्दी लाभ मिलता है|खांसी एवं गले की समस्या आदि में दालचीनी की तेल का कुछ मात्रा में सेवन करने से जल्दी ही असर पड़ता है| जिसके कारण रोग ठीक हो जाता है|जबकि कुछ महिला है जो प्रसव पीड़ा के दौरान मांसपेशियों की शिथिलता को घटाने के लिए, दालचीनी का प्रयोग पीपल के मूल एवं भाग के साथ लेने से लाभ मिलता है|

इसके अलावा अर्थराइटिस में भी दालचीनी का चूर्ण एवं मधु का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर धीरे-धीरे मालिश करने से लाभ मिलता है|

 दालचीनी के चूर्ण एवं मधु को एक गिलास गुनगुने पानी में डालकर पीने से कोलेस्ट्रॉल,मूत्र संबंधी रोग एवं खांसी आदि समस्याओं में लाभ मिलता है|

निष्कर्ष(Conclusion)

इस लेख के माध्यम से दालचीनी में आयुर्वेदिक औषधि के महत्व को पूरी तरह से जाना| आज के भाग दौड़ भरी जिंदगी में यदि हम थोड़ी बहुत भी आयुर्वेदिक औषधि के बारे में जानेंगे, तो हमारा स्वस्थ बहुत ही बेहतर हो जाएगा| वह भी बिना किसी मेडिसिन के,

आज के इस आधुनिक जमाने में भी आयुर्वेदिक औषधि का उतना ही महत्व रहा, जितना कि सदियों पहले हुआ करता था|क्योंकि आज हर चीजों में(खाने-पीने की)मिलावटी चीजों का प्रयोग किया जाता है|जिसके कारण हमारा स्वास्थ्य दिनों दिन बिगड़ जा रहा है|

आपसे यही अनुरोध है कि आप अपने स्वास्थ का विशेष ध्यान रखें,पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों का सेवन करें,बिना कोई साइड इफेक्ट के|पैकेज्ड एवं डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों और जंक फूड से भी दूरी बनाकर रखें|

अंत में मैं आपसे यही अनुरोध करूंगा कि स्वास्थ्य ही सब कुछ है|इसलिए अपने स्वास्थ्य का सबसे ज्यादा ध्यान रखें|प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक से जुड़े और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं| ज्यादा जानकारी के लिए आप  www.Imhoro.com के वेबसाइट पर जा सकते हैं|

सवाल जवाब(FAQs)

Q.क्या दालचीनी का सेवन सही है?

A.बिल्कुल|

Q.क्या इसके कोई साइड इफेक्ट है?

A.नहीं,यह पूरी तरह से प्राकृतिक वनस्पति औषधि है| खासतौर पर यह पेड़ की छाल होती है| 

Q.दालचीनी कहां से खरीदें? 

A.इसे अपने नजदीकी Grocery shop, किसी आयुर्वेदिक औषधि स्टोर या फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ले सकते हैं|

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written by Suraj Horo

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