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How effective is garlic in reducing creatinine levels? Know the natural & Ayurvedic perspective

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परिचय(Introduction)

garlic, जिसे हिंदी में लसुन,लहसुन, अंग्रेजी में Garlic के नाम से जाना जाता है|इसका वैज्ञानिक नाम Allium Sativum है| यह एक Lin.LILIACEAE के प्रजाति का है|जिसे पूरी दुनिया में भोज्य पदार्थ एवं देसी इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है|भोज्य पदार्थ के स्वाद को बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग जरूरी होता है|साधारणत: इसका इस्तेमाल सिर्फ भोज्य पदार्थों के अलावा विभिन्न प्रकार के औषधि गुण के लिए किया जाता है|

garlic

साथ ही हमारे स्वास्थ्य के लिए यह बेहद जरूरी खाद्य पदार्थ में से एक है|आज हर घर में इसका इस्तेमाल होता है|इसके उपयोगिता,मांग एवं महत्व को देखते हुए इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है| हालांकि इसका प्रयोग प्राचीन काल से ही किया जाता आया हैसबसे पहले इसका प्रयोग आयुर्वेदिक जगत में ही किया जाने लगा था,जबकि अभी भी हम इसका प्रयोग कई बीमारियों के ठीक होने के लिए  करते हैं|

सामान्यत: इस पौधे का स्वरूप एवं इसके इस्तेमाल होने वाले अंगों की बात की जाए तो सबसे पहले इसके कंद एवं पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है|परंतु यदि इसका स्वरूप की बात की जाए तो यह एक छोटा सा गोलाकार कंद के आकार का होता है जिससे छोटे-छोटे फलियों का एक समुचित समूह होता है|जिसे हम एक गुच्छादार या गांठ  का समूह भी कह सकते हैं|इस प्रकार से यह ज्यादातर औषधि गुण के लिए ही सर्वाधिक विकसित माना जाता है|

जहां तक सवाल है|इसके संपूर्ण गुण,महत्व,इसके स्वस्थ लाभ एवं विभिन्न प्रकार के रासायनिक गुण के  चर्चा करेंगे,तो आज हम इस लेख के माध्यम से इसके बारे में विस्तार से जानेंगे|

आज इस संदर्भ में इस लेख के माध्यम से आपको लहसुन के बारे में सारी चीजों के बारे में पता चलने वाला है|इसके विपरीत इसके फायदे एवं नुकसानों की भी बात करेंगे

लहसुन क्या है|आयुर्वेदिक प्राकृतिक औषधि के रूप में इसका क्या महत्व है|(what is Garlic/lahsun? What is important is an ayurvedic medical plant.

लहसुन एक बहुत ही आवश्यक एवं जरूरी भोजन पदार्थ की कैटेगरी में आता है|इसके बिना आप किसी भी शाकाहारी एवं मांसाहारी भोज्य पदार्थ के स्वाद को पूरा नहीं कर सकते, हालांकि कुछ शाकाहारी लोगों के द्वारा लहसुन इस्तेमाल नहीं किया जाता है, परंतु इसका प्रयोग विभिन्न रूपों से अधिकतर मात्रा में किया ही जाता है|

हमने शुरुआत में ही इसके बारे में बात की,इसे सभी जगह पर इस्तेमाल किया जाता है|परंतु जगह के अनुसार इसका प्रयोग एक नाम का इस्तेमाल किया जाता है|साधारणत: इसे हिंदी में तो इसे लहसुन के नाम से ही जाना जाता है | अंग्रेजी में इसका नाम गार्लिक होता है वैज्ञानिक नाम में Allium sativumइसे के नाम से जाना जाता है|इसके अलावा यह LILIACEAE के प्रजाति का पौधा माना जाता है|इसकी विशेषता में इसे इसका स्वाद एवं इसके कंद आयुर्वेदिक गुण ही इसे लोकप्रिय बनाता है|

इसलिए इसे औषधि श्रेणी में भी रखा जाता है|साथ ही इस पौधे का स्वरूप प्याज के पौधे के समान ही लगभग होता है परंतु इसके पत्ता सपाट होता हैं|साथ  इसका कंद गुच्छेदार एवं एक की गांठ में सारे कलियां समाहित रहती है|इसके पत्तों की बात की जाए तो यह लंबे घास जैसे होते हैं|इसके फूल सफेद रंग के होते हैं और गोल छत्र में होते हैं|

लहसुन के रासायनिक गुण एवं संगठनों का मिश्रण

 garlic कंद

इसके कंद में एक प्रकार का उड़नशील तेल की मात्रा पाई जाती है|इसमें एलील डासल्फाइड तथा अलील प्रोपिल  डासल्फाइड एवं पाली सल्फाइड(जो कि कम मात्रा में)एवं एलिसन(कीटाणु नाशक)पाया जाता है|

नतीजा इन्हीं रासायनिक गुण की वजह से लहसुन का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जाता है|साथ ही साथ इसकी मांग दिनों दिन बढ़ती है|

garlic सर्वाधिक गुण

इसमें सबसे पहले धातु वर्धक गुण पाए जाते हैं|उदाहरण के लिए यह शरीर के बुनियादी संरचना में बहुत ही उपयोगी होती है|विशेष कर इसमें रक्त,मांसपेशियों,वसा,हड्डियों एवं प्लाज्मा के  लिए भी बहुत उपयोगी माना जाता है|

नतीजन ने यह उन औषधि गुण से भरपूर होता है जो शरीर को विभिन्न प्रकार के धातुओं को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें बढ़ाने में सहयोग करता है |

पुरुषों के लिए अत्यधिक कारगर

यह पुरुषों के लिए अत्यधिक कारगर औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है|विशेष कर इसे वीर्य वर्धक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है|इसके प्रयोग से वीर्य के गुण में वृद्धि होती है|

पाचन प्रणाली के लिए बेहत्तर

भोज्य पदार्थों में यदि इसका इस्तेमाल होने पर यह सुपाच्य होता है|यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है साथ ही भूख को भी तेज करता है साथ ही इसका रस का इस्तेमाल हमारे पाचन क्रिया के लिए बेहतर माना जाता है|

विभिन्न प्रकार के शारीरिक टूट के लिए

जैसे शरीर में टूटना,फ्रैक्चर उदाहरण के लिए यदि शरीर की किसी प्रकार की हड्डियों का टूटना,फ्रैक्चर होना इन सभी के लिए इसका प्रयोग किया जाता है|

यह शरीर को ताकत और बल प्रदान करता है

लहसुन को लगातार प्रयोग से शरीर को ताकत एवं शक्ति प्रदान होती है|यह एक ऐसा आयुर्वेदिक उपचार एवं औषधि है जो शरीर के संपूर्ण प्रणाली को पोषण प्रदान करती है|साथ ही साथ उम्र को बढ़ाने का काम करती है,इसका अलावा यह शरीर के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ती है|

लहसुन का प्रयोग एवं इसके आयुर्वेदिक गुण

इसके बहुत सारे महत्वपूर्ण गुण पाए जाते हैं, बहुत सारी समस्याओं के लिए इसका प्रयोग किया जाता है जैसे कि इस शुद्ध हिंदी में दीपन कहा जाता है मतलब पाचन क्रिया को बढ़ाने का कार्य करती है साथ ही भूख को बढ़ाने का कार्य भी करती है|

इसके अलावा विभिन्न प्रकार के लाभों में मूत्र से संबंधित समस्याओं में मदद मिलती है|

उत्तेजना को बढ़ाती है|

कफ की समस्या से मुक्ति दिलाता है|

शरीर के अंदर जितने भी दूषित चीज जो कि हमारे द्वारा खाई जाती है उसे साफ करता  हैं|

अंत में आंत के कीटाणुओं का नाश भी करती है|

लहसुन का इस्तेमाल बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए कैसे करें(How to use for better benefit garlic)

लहसुन एक ऐसा प्राकृतिक औषधि है जिसे आप जितने बेहतर तरीके से इस्तेमाल करेंगे, आपके लिए यह उतना ही लाभकारी माना जाता है|आज हम इसके विभिन्न प्रकार के उपयोग के बारे में विस्तार से समझते हैं|

विभिन्न प्रकार के रोगों के लिए

आजकल के बदलते मौसम में बच्चों एवं बुजुर्गों को तुरंत संक्रमण की बीमारी चपेट में ले लेती है|साथ ही साथ बहुत सारे लोगों को बीमारी हो जाती है|ऐसे में लहसुन एक रामबाण इलाज माना जाता है|ऐसे में सबसे पहले इसे गर्म सरसों के तेल में दो या तीन कलिया को डालकर इसे मालिश करने से बहुत जल्द आराम मिलता है|

कान से संबंधित समस्याओं के लिए

कान की बीमारियों के लिए भी लहसुन बहुत उपयोगी मानी जाती है|

शरीर के बाह्य रोग त्वचा संबंधित समस्याओं के लिए

इसका प्रयोग शरीर के बाहरी रोगों एवं त्वचा से संबंधित समस्याओं के लिए जरूरी होता है|

गले की समस्या के लिए

उदाहरण के लिए यदि आपकी गले में कर्कस एवं आपका गला बैठ गया हो, तो यह गले की साफ करने में बहुत ही जबरदस्त तरीका माना जाता है|

तेज बुखार के लिए

साधारणत: यह बहुत ज्यादा तेज बुखार में,संक्रमित समस्याओं के लिए प्रयोग किया जाता है| और साथ ही साथ सरसों के तेल में लहसुन के साथ गर्म करने के बाद,मालिश से बहुत ज्यादा रहता मिलता है|

लहसुन के दुष्प्रभाव एवं बरतने वाली विशेष सावधानियां(side effect of garlic and precaution of garlic )

लहसुन एक बेहतरीन प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है|जिसे विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं, परंतु इसके लिए आपको लहसुन के बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी होता है|आईए आपको सबसे पहले इसके इस्तेमाल करने के तरीके को बताते हैं|

किसी भी प्रकार के विषम बीमारी के लिए

इसका इस्तेमाल लहसुन को सरसों तेल के साथ गर्म कीजिए और उसे खिलाएं,साथ ही इस लहसुन मिक्स तेल के साथ मालिश करने से बीमारी ठीक हो जाती है|

शरीर में होने वाली (वायु संबंधी समस्याओं में)

जैसे गांठ,रसौली या ट्यूमर,या किसी प्रकार की कठोर सूजन के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है|

हालांकि वात गुल्म एक ऐसा रोग है कियाजो कि पेट की समस्या संबंधित है जिसमें एक कठोर,असामान्य गांठ या सूजन बन जाता है|

इसके लिए सुख लहसुन की कलियां हिसाब से आधा लीटर दूध में 4 लीटर पानी मिलाकर इन सब को उबाल कर इसका मिश्रण पीने से ,शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती हैं|जिससे हृदय रोग संबंधी,पाचन एवं गले की बीमारियां ठीक होती है|

मिर्गी की बीमारी के लिए

मिर्गी बीमारी के लिए यह सर्वाधिक बेहतर आयुर्वेदिक औषधि माना गया है|सबसे पहले तेल एवं लहसुन का सेवन करना चाहिए|इसका इस्तेमाल भोजन से पहले या फिर बाद में खिलाने से समस्या दूर हो जाती है|

इससे हमें ज्यादा सावधानी की कोई खास जरूरत तो नहीं है परंतु इसके अत्यधिक सेवन से शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी प्रदान होती है|यदि आप भोजन पदार्थ के रूप में इसका अत्यधिक प्रयोग करते हैं तो पेट से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती है|जिससे पेट के अंदर जलन महसूस हो सकती है साथ ही बवासीर एवं अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है|

निष्कर्ष(conclusion)

हमने इस लेख के माध्यम से लहसुन के विभिन्न प्रकार से फायदा एवं इसके विभिन्न इस्तेमाल के बारे में जाना|इसके अलावा हमने किन रोगों में इस्तेमाल कैसे किया जाए यह भी बताया| लहसुन एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है|बस हमें इसके सही इस्तेमाल को जानना है|

हालांकि यह किसी प्रकार से ज्यादा नुकसान नहीं करता,लेकिन सही जानकारी का होना ज्यादा जरूरी है|यदि आप भी अपने स्वास्थ्य के प्रति एवं देसी नुस्खे को आजमाना चाहते हैं तो एक बार लहसुन का प्रयोग अवश्य करें|

सवाल जवाब(FAQs)

Q.क्या मुझे रोजाना लहसुन खाना चाहिए?

A.हां आप खा सकते हैं परंतु इसकी सीमित मात्रा में ही प्रयोग करें किसी भोज्य पदार्थ में मिलाकर|

Q.क्या इससे सर्दी जुकाम से राहत मिलती है?

A.हां बिल्कुल,बस इसे सरसों के तेल में गर्म करके लहसुन की दो या तीन कलियां मिलाकर मालिश करने से आराम मिलता है|

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Written by Suraj Horo

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