परिचय(Introduction)
Atibala जिसे हम साधारणत: कंघी के नाम से जानते हैं|भारतीय आयुर्वेदिक जगत में अतिबला का बहुत ही विशेष महत्व रहा है|यह प्राचीन काल से ही आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है|इसे अंग्रेजी में Indian Mallow के नाम से भी जाना जाता है |साथ ही इसका Botanical name Abutilon Indicum है|सामान्यत: यह Sweet MALVACEUM जाति का पौधा है|
इस प्राकृतिक आयुर्वेदिक औषधि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बहूवर्षायू यानी कि इस पौधे का जीवनकाल बहुत ही लंबी अवधि की होती है|जो कि लंबे समय तक जीवित रहता है| साथ ही इस पौधे का स्वभाव कोमल,सौम्य एवं नरम होता है|इसके अलावा यह रंग में श्वेत मखमली एवं मुलायम या रेशमी स्पर्श का पौधा होता है|

साधारणत: इसकी ऊंचाई 1 से 2 मीटर के आसपास की होती है|इसके पत्ते दंतुर किस्म के होते हैं|जो की हृदय के आकार एवं लंबे होते हैं|इसमें फुल पीतवर्णी होने के साथ-साथ इनके फल बहुत ही आकर्षक दिखाई देते हैं|विशेष कर इसके फलों का आकार चक्राकार गोल एवं कंघी के जैसा होता है|
आईए इस लेख के माध्यम से अतिबला(कंघी) के मुख्य फायदे एवं इसके आयुर्वेदिक औषधि गुण एवं हमारे दैनिक जीवन में अपना कर इससे होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानते हैं|
अतिबला(कंघी) क्या है? What is indian Mallow
Atibala,अतिबला को साधारण बोलचाल की भाषा में कंघी के नाम से भी जाना जाता है|अंग्रेजी में इसे Indian Mallow(Abutilon Indicum)के नाम से जाना जाता है|
साथ ही इस विज्ञान की भाषा मेंSweet MALVACEUM कहा जाता है|अतिबला प्राचीन काल से भारत में आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है इस आयुर्वेदिक औषधि को हमारे स्वस्थ जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है|इस पौधे की विशेषता यह है कि यह लंबे समय तक जीवित रहता है, इसका जीवन काल बहुत लंबा होता है साथ ही इसके फूल एवं पत्ता बहुत ही मुलायम एवं रेशमी होते हैं इस पौधे की ऊंचाई 1 से 2 मीटर के आसपास की होती है|
इस पत्तों का आकार दंतुर जैसे होता हैसाथ ही इसका साइज विशेष रूप से हृदय आकार एवं लंबा रहता है|यह स्वाद में भी मधुर होता है|
Atibala अतिबला में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण रासायनिक संगठन(Chemical Constituents Found in Indian Mallow)
Atibala एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जिसमें भरपूर मात्रा में रासायनिक संगठन पाए जाते हैं|इस पौधे की सबसे बड़ी विशेषता है यह है और इसी विशेषता की वजह से यह भारतीय आयुर्वेदिक जगत में विशेष रूप से प्रचलित है|
आईए जानते हैं|किन-किन रासायनिक संगठन की मात्रा इस पौधे में पाई जाती है|
साधारणत: इस वनस्पति में गोसीटिन,ग्लूकोसीड्स, सायनीडिन,रूटीनोसाइड्स एवं उत्पातेल की मात्रा भरपूर रूप से पाई जाती है|
इसके अलावा इसके जड़ों में बहुत अधिक मात्रा में अम्ल,अस्परजिन,की विशेष मात्रा पाई जाती है|
साथ ही इसके शाखों एवं पत्तों में बीटा साइटोस्टीरोल,कैफीन अम्ल,ग्लूटामिक अम्ल एवं इस्पेरटिक अम्लों की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है|
इन्हीं सारे रासायनिक फायदाओं की वजह से यह वनस्पति भारतीय आयुर्वेदिक औषधि जंगल में प्राचीन काल से ही मानव जीवन के स्वस्थ लाभों के लिए जाना जाता है|
अतिबला के हमारे दैनिक जीवन में होने वाले स्वास्थ्य लाभ एवं इसके महत्वपूर्ण गुण:-(Health Benefits and Important properties of Indian Mallow)
Atibalaअतिबला हमारे दैनिक जीवन में बहुत ही काम आने वालेवनस्पति औषधि है|आज के व्यस्त जीवन में जहां हर इंसान छोटी-छोटी स्वस्थ समस्याओं के लिए रासायनिक मेडिसिन का प्रयोग करता है जिसके कारण समाधान से ज्यादा उसे भविष्य में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है|परंतु अतिबला एक ऐसा आयुर्वेदिक वनस्पति औषधि है जो कि हमारे विभिन्न प्रकार के स्वस्थ समस्याओं में मदद करता है बल्कि इसके समाधान के साथ-साथ किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता|इसके विशेष गुण एवं महत्वपूर्ण लाभों के बारे में एक-एक करके विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे|
दर्द निवारक आयुर्वेदिक औषधि
इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह आयुर्वेदिक जगत में दर्द निवारक के रूप में प्रयोग में लाई जाती है|इस वनस्पति औषधि से शरीर में होने वाली पीड़ा से आराम मिलता है|इसलिए इस औषधि को वेदनाहर औषधि के रूप में मानी जाती है|
इस मृदुरेचक्र औषधि के रूप में जाना जाता है
अर्थात इसका मतलब होता है हमारे शरीर से आसानी से या कोमलता से मल को बाहर निकलना|
साधारण भाषा में बात करें तो यह एक हल्के प्रमाण का चक्र माना जाता है|जो कि इस आयुर्वेदिक औषधि के इस्तेमाल से हमारे शरीर के पाचन प्रणाली को साफ रखने में सहायता करती है|मतलब यह शरीर को बिना किसी नुकसान के कोमलता से पेट को साफ रखने का कार्य करती है|
यह कफशामक के रूप में कार्य करता है
इसे हम कैफ को कम करने वाले आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी जानते हैं|क्योंकि यहां हमारे शरीर में बनने वाले बलगम को शांत करने का काम करती है|
यह विशेष प्रकार की औषधि के रूप में जाने जाती है जो की आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक रूप से कफ की समस्या को ठीक करने में मदद करती है|साथ ही फेफड़े एवं गले में जमे हुए बलगम को खत्म करती है|इसलिए इसे कफ नाशक औषधि के रूप में जाना जाता है|
यह आयुर्वेदिक औषधि की मदद से शरीर में मूत्र के प्रवाह को बढ़ाया जा सकता है
Atibalaअतिबला एक ऐसे आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रचलित है जिसमें कि हमारे शरीर से पानी एवं विषैले पदार्थों को पेशाब के माध्यम से बाहर निकाल कर शरीर को स्वस्थ रखने में हमारी मदद करती हैं|
वातहर की समस्या को दूर करती है
इस आयुर्वेदिक औषधि में शरीर में होने वाली दोशों को जैसे की वात,पित्त एवं कफ आदि समस्याओं को दूर करने का कार्य करती है|यानी कि यह एक ऐसी वनस्पति औषधि है या जड़ी बूटी है जो की वात, पित्त एवं कफ जैसी समस्याओं को कम करती हैं|,साथ ही उसके होने वाले रोगों से राहत दिलाता है|
इसे यौन शक्ति को वृद्धि करने वाले औषधि के रूप में जाना जाता है
इसे वीर्य वर्धक के रूप में जाना जाता है|सामान्यत: बीजाकारक औषधि के रूप में प्रचलित है,जो की विशेष रूप से पुरुषों की समस्या है जैसे की यौन शक्ति,ऊर्जा के साथ-साथ प्रजनन क्षमता को बेहतर करने में सहायक होता है|
अतिबला का हमारे स्वस्थ जीवन में उपयोग एवं इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ(use and health benefits of indian mallow in our daily life
आज हर इंसान अपने काम एवं जिंदगी की भाग दौड़ में इतना बिजी हो चुका है कि उसकी थोड़ी देर रुक कर इतना सोचने के लिए समय नहीं है कि वह अपना एवं अपने परिवार वालों के स्वास्थ्य के बारे में विचार कर सके|ऐसे में यदि हमें या किसी भी इंसान को थोड़ी बहुत स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं आती है, तो हम तुरंत किसी मेडिकल शॉप में जाकर मेडिसिन खरीद कर खा लेते हैं यह तरीका थोड़ी देर के लिए तो सही हो सकती है परंतु लंबी अवधि में इसका परिणाम बहुत ही बुरा हो सकता है|लेकिन आयुर्वेद जड़ से खत्म कर देता है|
इसलिए हमें थोड़ी देर रुक कर या सोचना चाहिए कि इस समस्या का क्या और भी कुछ उपाय हो सकता है|और तब हमें आयुर्वेदिक औषधि के बारे में समझाने का मौका मिलता है| इसमें किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है बस हमें इसकी सही मात्रा एवं इसकी विशेषता को जानने की आवश्यकता होती है|Atibala
इसे हमें किस प्रकार से इस्तेमाल करना चाहिए एवं इससे हमारे दैनिक जीवन में किन तरीकों से स्वस्थ लाभ हो सकते हैं|साथ ही किन सावधानियां का पालन करना चाहिए|
हम सबसे पहले इसके बीजों के इस्तेमाल एवं लाभ के बारे में जानेंगे
इसके बीजों से हमें अर्श में बहुत लाभ मिलता है|जिसे साधारणत: बवासीर के बीमारी के रूप में सुनते हैं अर्स विशेष कर आयुर्वेदिक शब्दों में इस्तेमाल होता है|
मूत्राशय संबंधी समस्याओं में
पुराने या कमजोर मूत्राशय,मतलब बहुत लंबे समय से मूत्राशय से संबंध बीमारियों से ग्रसित होने पर यह अतिबला बहुत काम आता है|
अप्सर्गिका मेह संबंधी बीमारियों से समाधान होता है
यह संक्रमण मूत्र बीमारी या फिर ज्यादातर संक्रमित होने वाला संबंधित रोग होता है|
यह समस्या बार-बार या असामान्य रूप से पेशाब आना,साथ ही पेशाब में जलन होना या अचानक से पेशाब का आना|
Atibala इसके पत्तों का बाह्य प्रयोग
इसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के वर्ण में इस्तेमाल किया जाता है|इसके पत्तों को सेक कर जहां-जहां शरीर में दर्द है वहां सेका जाता है जिससे शरीर में होने वाले दर्द से आराम मिलता है|
इसके शाखों एवं जड़ों का दातुन(ब्रश) के रूप में इस्तेमाल करने से लाभ
साधारणत: ग्रामीण क्षेत्र एवं वृहद अवस्था के लोगों के द्वारा इसका इस्तेमाल दातुन के रूप में किया जाता है|इससे दातों के लिए बहुत लाभ होता है एवं मसूड़े मजबूत होते हैं साथ ही कुल्ला करने से लाभ मिलता है|
बलवर्धक के रूप में
अतिबला Atibala का उपयोग शक्ति के लिए किया जाता है|इसके लिए आपको इनके जड़ों को पीसकर, इसके रस को दूध या घी में मधु डालकर प्रातः काल खाली पेट में सेवन कर सकते हैं|इससे आपके स्वास्थ्य एवं आयु लंबी होती है|आपको इसका प्रयोग चावल,घी तथा दूध के साथ इस्तेमाल करने से ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलता है|
मूत्र संबंधित रोग के समाधान के लिए
इस समस्याओं के लिए इसके बीजों एवं छालों को मिक्स करके इसके सेवन से बहुत लाभ मिलता है|खासकर अतिबला के जड़ों एवं छालों के सारे अंग बहुत ही पौष्टिक माने जाते हैं|
अतिबला से होने वाले कुछ दुष्प्रभाव एवं सावधानियां(possible side effects of indian mallow)
ऐसे तो Atibala अतिबला एक बेहद ही लाभदायक आयुर्वेदिक वनस्पति औषधि के रूप में माना जाता है फिर भी कुछ लोगों को थोड़ी बहुत इससे सावधानियां बरतनी चाहिए|
बच्चों से दूर रखें
ज्यादातर केस में बच्चों को इससे दूर रखना चाहिए, क्योंकि बच्चों का स्किन बहुत ही कोमल होता है| बच्चे जिसे भी देखते हैं उसे तुरंत मुंह में डालते हैं |ऐसे में बच्चों को एलर्जी हो सकती है|
वैसे लोग जो किसी बीमारी में मेडिसिन का सेवन कर रहे हो
बीमार से पीड़ित व्यक्तियों को इनसे दूर रहना चाहिए,क्योंकि पीड़ित व्यक्ति पहले से मेडिसिन की सेवन कर रहे हैं|ऐसे में दो अलग-अलग दवावों से रिएक्शन हो सकता है|
गर्भवती महिलाएं
गर्भवती महिलाओं को भी डॉक्टर की परामर्श के बाद ही इस पर विचार करना चाहिए|
निष्कर्ष(conclusion )
हमने Atibala अतिबला के बारे में इस लेख के माध्यम से विस्तार से जाना,हमने इसके बारे में लाभ एवं हानियों के बारे में भी जाना साथ ही इसकी विशेषताएं एवं इसके इस्तेमाल को भी जाना |
हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान खुद से ही रखना चाहिए साथ-साथ थोड़ी बहुत आयुर्वेदिक औषधि के बारे में जानकारी होनी भी जरूरी है|जो कि हमारे स्वस्थय लाभ के लिए आवश्यकता होता है|
यदि आप अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहते हैं तो एक बार इसके बारे में जरूर ध्यान दीजिए|
सवाल जवाब(FAQs)
Q.क्या Atibala अतिबला का प्रयोग रोजाना करना चाहिए?
A.हां बिल्कुल,परंतु आपको किसी आयुर्वेदिक औषधि के विशेषज्ञ के परामर्श से ही प्रयोग करना चाहिए|
Q.क्या अतिबला स्वास्थ्य अकेली फायदेमंद है?
A.बिल्कुल,इसे भारतीय आयुर्वेद में इसकी विशेषता बताई गई है यह बहुत ही फायदेमंद होता है|
(उपरोक्त जानकारी”आयुर्वेद का प्राण:वन औषधि विज्ञान”जैसे विश्वसनीय स्रोतों से ली गई है)
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written by Suraj Horo